विधानसभा में खुलासा: बिलासपुर और रायपुर में शासकीय भूमि के फर्जी हस्तांतरण की कोई शिकायत नहीं, खपरी तालाब और गंगरेल रिसॉर्ट मामले की दी गई जानकारी। - Sarvavyapi विधानसभा में खुलासा: बिलासपुर और रायपुर में शासकीय भूमि के फर्जी हस्तांतरण की कोई शिकायत नहीं, खपरी तालाब और गंगरेल रिसॉर्ट मामले की दी गई जानकारी। - Sarvavyapi

विधानसभा में खुलासा: बिलासपुर और रायपुर में शासकीय भूमि के फर्जी हस्तांतरण की कोई शिकायत नहीं, खपरी तालाब और गंगरेल रिसॉर्ट मामले की दी गई जानकारी।

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तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक द्वारा शासकीय भूमि को निजी संस्था, फर्म एवं व्यक्तियों को कथित रूप से हस्तांतरित किए जाने, तालाबों पर अतिक्रमण तथा सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण से जुड़े मामलों को लेकर प्रश्न उठाया गया। इसके जवाब में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने विस्तृत जानकारी सदन के पटल पर रखी।मंत्री ने बताया कि नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम खपरी स्थित तालाब को पाटकर निजी परियोजना संचालित किए जाने संबंधी शिकायत 27 जून 2026 को सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त हुई थी। शिकायत मिलने के बाद नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के संपदा एवं भूमि प्रभाग की टीम ने स्थल निरीक्षण किया।जांच में पाया गया कि सेक्टर-31, ग्राम खपरी स्थित भूखंड क्रमांक R-2, क्षेत्रफल 71.256 एकड़ भूमि को आवासीय परियोजना के विकास के लिए एम/एस डी वी प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को 3 मार्च 2025 को छत्तीसगढ़ विशेष क्षेत्र (अचल संपत्ति का व्ययन) नियम, 2008 के तहत विधिवत निविदा प्रक्रिया के माध्यम से व्ययन किया गया था।राजस्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि खसरा नंबर 122 एवं 328, जो तालाब मद में दर्ज हैं, उनका किसी भी प्रकार से व्ययन नहीं किया गया है। दोनों भूमि वर्तमान में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के नाम दर्ज हैं। इनमें से खसरा नंबर 122 सार्वजनिक तालाब है, जबकि खसरा नंबर 328 पर वर्तमान में जलभराव नहीं पाया गया है। इन जल निकायों में किसी भी प्रकार के निर्माण अथवा गतिविधि की अनुमति नहीं दी गई है।धमतरी जिले के गंगरेल डेम के समीप शासकीय भूमि पर रिसॉर्ट निर्माण की शिकायत के संबंध में मंत्री ने बताया कि तहसीलदार धमतरी द्वारा मौके का निरीक्षण कराया गया। जांच में ग्राम बरारी स्थित शासकीय भूमि, खसरा नंबर 542, रकबा 0.20 हेक्टेयर (बड़े झाड़ का जंगल मद) पर खुबलाल ध्रुव द्वारा अवैध अतिक्रमण कर रिसॉर्ट निर्माण किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद संबंधित अतिक्रमणकारी के विरुद्ध राजस्व प्रकरण दर्ज कर न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत कब्जा हटाने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है, जो वर्तमान में प्रक्रियाधीन है।धरसींवा तहसील की उप तहसील सारागांव अंतर्गत ग्राम नेउरडीह में कथित फर्जी नक्शा तैयार किए जाने की शिकायत पर भी सरकार ने सदन को जानकारी दी। मंत्री ने बताया कि शिकायतकर्ता गजानंद यादव की शिकायत पर राजस्व प्रकरण दर्ज कर जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि खसरा नंबर 59/5 भूमिस्वामी अधिकार की भूमि है तथा नक्शे में अंकित 59/5ए उसी खसरा का भाग है। अभिलेखों की शुद्धता के लिए 18 मई 2025 को आदेश जारी किया गया था। सरकार के अनुसार शिकायतकर्ता द्वारा लगाया गया बंटांकन संबंधी आरोप निराधार पाया गया।सबसे महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए राजस्व मंत्री ने सदन में बताया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान बिलासपुर एवं रायपुर जिलों में शासकीय भूमि के गलत, अवैध अथवा फर्जी नामांतरण, बंटांकन या बयनामा तैयार कर निजी व्यक्तियों, संस्थाओं अथवा फर्मों को सरकारी भूमि हस्तांतरित किए जाने संबंधी कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।प्रश्न के दूसरे भाग के उत्तर में भी सरकार ने स्पष्ट किया कि संबंधित अवधि में किसी भी बिल्डर, कंपनी, फर्म अथवा संस्था द्वारा शासकीय भूमि पर निर्माण किए जाने की ऐसी कोई शिकायत सही नहीं पाई गई है। इस संबंध में उपलब्ध जानकारी निरंक है।विधानसभा में दिए गए इस जवाब के बाद सरकारी भूमि से जुड़े विभिन्न मामलों पर सरकार का आधिकारिक पक्ष सामने आया है, जिसमें कुछ मामलों में जांच और कार्रवाई की पुष्टि की गई है, जबकि बिलासपुर और रायपुर में शासकीय भूमि के कथित फर्जी हस्तांतरण से संबंधित शिकायतों के संबंध में सरकार ने स्पष्ट रूप से किसी शिकायत के प्राप्त न होने की जानकारी दी।


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