विकास नंद/ सर्वव्यापी
जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक लेकर संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। समय-सीमा की बैठक के बाद आयोजित इस समीक्षा बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, ब्लैक स्पॉट सुधार, यातायात नियमों के पालन तथा जन-जागरूकता बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि साहू, सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।कलेक्टर ने रात्रि के समय सड़कों पर विचरण करने वाले आवारा मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए जिला पंचायत, नगरीय निकाय, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई), पशुपालन विभाग और यातायात विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर मवेशियों को सड़कों से हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने पशु मालिकों की पहचान कर उन्हें समझाइश देने और आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।बैठक में दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने चिन्हित ब्लैक स्पॉट के साथ-साथ नए दुर्घटना संभावित स्थलों का भी चिन्हांकन कर वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग तथा नगरीय एवं ग्रामीण निकायों को दिए। साथ ही ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध नियमित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।यातायात जागरूकता को जन-आंदोलन का स्वरूप देने पर जोर देते हुए कलेक्टर ने कहा कि स्कूलों के माध्यम से विद्यार्थियों के जरिए पालकों तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाया जाए, ताकि यातायात नियमों के पालन के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी विकसित हो सके। उन्होंने यातायात विभाग को हेलमेट नहीं पहनने और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध ई-चालान की प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक शुक्ला ने बैठक में जानकारी दी कि जिले में चिन्हित चार नए ब्लैक स्पॉट पर आवश्यक सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं। बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करते हुए बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।


