विकास नंद/ सर्वव्यापी

स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ ने राज्य के सभी संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 15 जुलाई को जारी आदेश में विद्यालय संचालन अवधि एवं छुट्टी के समय किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी निर्देशों में कहा गया है कि कई बार विद्यालयों में पर्याप्त निगरानी नहीं होने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। साथ ही लापरवाही के कारण छात्रों के कक्षा या शौचालय में बंद रह जाने जैसी घटनाएं भी सामने आती हैं। ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रमुख निर्देश
विद्यालय बंद होने से पहले प्राचार्य या प्रधानपाठक सभी कक्षाओं, शौचालयों, प्रयोगशालाओं तथा खेल मैदानों की अनिवार्य रूप से जांच सुनिश्चित करेंगे।जांच के बाद ही कमरों एवं मुख्य द्वार पर ताला लगाया जाएगा, ताकि कोई भी छात्र परिसर में न छूटे।
प्रत्येक विद्यालय में प्रतिदिन रोटेशन के आधार पर एक नोडल शिक्षक या कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाएगी, जो पूरे परिसर का निरीक्षण कर व्यक्तिगत रूप से ताला बंद कराने के लिए जिम्मेदार होगा।
छुट्टी के समय मुख्य द्वार पर शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी, ताकि भीड़ नियंत्रित हो और विद्यार्थियों का सुरक्षित निकास सुनिश्चित किया जा सके।
विद्यालय परिसर में खुले गड्ढों या खुले बोरवेल को तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के मौसम को देखते हुए विद्युत कनेक्शन और वायरिंग की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराने तथा कहीं भी खुले बिजली के तार नहीं रहने देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा हर स्थिति में बनी रहे।


