तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी।
बिलासपुर संभाग अंर्तगतगौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बगरार में कुछ माह पूर्व हुई सनसनीखेज वारदात आज भी लोगों के जेहन से नहीं उतरी है। एक ही घर में हुई लगभग 80 लाख रुपये से अधिक के सोने-चांदी के गहनों की चोरी और घर के भीतर सो रही महिला की निर्मम हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। घटना के बाद पुलिस ने जल्द खुलासे का दावा किया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी न तो हत्या के आरोपी गिरफ्तार हो सके हैं और न ही चोरी गया करोड़ों के करीब का सामान बरामद हो पाया है।क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी वारदात के बावजूद पुलिस की जांच अपेक्षित परिणाम तक नहीं पहुंच सकी है। ग्रामीणों में यह चर्चा है कि यदि इतने गंभीर अपराध का खुलासा लंबे समय तक नहीं हो पा रहा है तो आम लोगों की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। लोगों का सवाल है कि आखिर आधुनिक तकनीक, साइबर जांच, डॉग स्क्वॉड और अन्य संसाधनों के बावजूद पुलिस किन कारणों से आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी?घटना के बाद परिवार को जल्द न्याय दिलाने के आश्वासन दिए गए थे, लेकिन समय बीतने के साथ मामला ठंडे बस्ते में जाता दिखाई दे रहा है। पीड़ित परिवार अब भी न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है, जबकि ग्रामीणों में असुरक्षा की भावना लगातार बढ़ रही है। उनका कहना है कि जब इतनी बड़ी हत्या और लाखों की चोरी का खुलासा नहीं हो पा रहा है, तो छोटे अपराधों पर नियंत्रण की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली और अपराध नियंत्रण क्षमता की भी परीक्षा बन गया है। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि इस मामले की जांच की उच्चस्तरीय समीक्षा कराई जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेष जांच दल (एसआईटी) या अनुभवी अधिकारियों की टीम गठित कर जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बगरार हत्याकांड और 80 लाख रुपये से अधिक की चोरी के आरोपियों तक मरवाही पुलिस कब पहुंचेगी? क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा या यह मामला भी समय के साथ फाइलों में दबकर रह जाएगा? इस घटना के शीघ्र खुलासे की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन पर है और जनता को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई और परिणाम का इंतजार है।


