विकास नंद/ सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के निवासी डॉ. प्रेम राज देबता की ओर से हाइब्रिड कार में E20 पेट्रोल के उपयोग के बाद आई तकनीकी खराबी को लेकर दायर उपभोक्ता शिकायत पर उपभोक्ता अदालत ने बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कार कंपनी को उपभोक्ता के पक्ष में 20 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि वर्तमान में अधिकांश पेट्रोल पंपों पर E20 पेट्रोल उपलब्ध है। ऐसे में वाहन मालिक के लिए उसी ईंधन का उपयोग करना स्वाभाविक है। यदि वाहन E20 पेट्रोल के अनुकूल नहीं है और इससे तकनीकी समस्या उत्पन्न होती है, तो इसकी जिम्मेदारी ग्राहक की नहीं बल्कि वाहन निर्माता कंपनी की होगी।
अदालत ने यह भी कहा कि कार कंपनी या तो ग्राहक को E20-कम्पैटिबल नई कार उपलब्ध कराए या फिर वाहन की पूरी कीमत वापस करे। साथ ही उपभोक्ता को हुई आर्थिक, मानसिक और अन्य परेशानियों को देखते हुए 20 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश भी दिया गया है।इस फैसले को देशभर के वाहन उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण नजीर माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय वाहन निर्माताओं को ईंधन अनुकूलता के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा संदेश है।


