नूर मोहम्मद ,गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (सर्वव्यापी)
मरवाही वनमंडल में इन दिनों प्रशासनिक हलकों से लेकर वन विभाग तक चर्चाओं का बाजार गर्म है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, डीएफओ ग्रीष्मी चांद के कार्यकाल को लेकर शासन स्तर पर गंभीर मंथन चल रहा है। सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि उनके विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई और संभावित स्थानांतरण को लेकर उच्च स्तर पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ समय से वनमंडल के विभिन्न मामलों की जानकारी शासन स्तर पर लगातार जुटाई जा रही है। यही वजह है कि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच संभावित कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई लोग इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया मान रहे हैं, तो कई इसे बड़े फेरबदल की भूमिका बता रहे हैं।जानकारों का मानना है कि यदि शासन को समीक्षा के दौरान किसी भी स्तर पर प्रशासनिक कमियां या गंभीर अनियमितताएं दिखाई देती हैं, तो आने वाले दिनों में कड़े फैसले लिए जा सकते हैं। ऐसे में मरवाही वनमंडल प्रदेश के उन वनमंडलों में शामिल हो सकता है, जहां जल्द ही प्रशासनिक बदलाव देखने को मिले।फिलहाल शासन की ओर से न तो किसी कार्रवाई की पुष्टि की गई है और न ही स्थानांतरण संबंधी कोई आदेश जारी हुआ है। लेकिन विभागीय गलियारों में चल रही चर्चाओं ने पूरे वन महकमे की नजरें अब शासन के अगले निर्णय पर टिका दी हैं।अब सबसे बड़ा सवाल यही है-क्या मरवाही वनमंडल में वाकई बड़ा प्रशासनिक फैसला होने वाला है, या फिर यह चर्चाएं केवल अटकलें साबित होंगी? इसका जवाब आने वाले दिनों में शासन के आधिकारिक आदेश से ही मिलेगा।


