बिलासपुर/ तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
भारत की खेल संस्कृति में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ते हुए, देहरादून में आगामी 23वीं राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता विश्व एमेच्योर कराटे फेडरेशन की भारतीय इकाई, भारतीय एमेच्योर खेल संघ तथा इंडियन रेनबु कान कराटे एसोसिएशन की राष्ट्रीय इकाई के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न होगी। इस भव्य आयोजन के मुख्य आयोजक भारत प्रमुख क्योंशी अरविंद कोटनाला (सेवेन डान ब्लैक बेल्ट) हैं, जिनकी अगुवाई में यह प्रतियोगिता नई ऊंचाइयों को छूने जा रही है।भारत में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं, विशेष रूप से मार्शल आर्ट से संबंधित, किंतु उनमें से अधिकांश प्रतियोगिताएं किसी भी अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं होतीं। ऐसी प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर पर कोई विशेष लाभ नहीं देतीं। इसके विपरीत, यह प्रतियोगिता वर्ल्ड एमेच्योर कराटे फेडरेशन (WHKF) द्वारा मान्यता प्राप्त है। इसका आयोजन इंडियन रेनबु कान कराटे एसोसिएशन, देहरादून द्वारा किया जा रहा है, जो कि वर्ल्ड रेनबु कान कराटे फेडरेशन, इटली, वर्ल्ड एमेच्योर कराटे फेडरेशन, तथा वर्ल्ड कराटे फेडरेशन के फिलजीकेम द्वारा मान्यता प्राप्त है। यह प्रतिष्ठित संस्थाएं स्वयं इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC), स्पोर्ट्स एकॉर्ड, तथा इंटरनेशनल वर्ल्ड गेम्स संगठन द्वारा मान्यता प्राप्त हैं। इस मान्यता के चलते यह प्रतियोगिता न केवल अत्यधिक प्रतिष्ठित है, बल्कि इसमें भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए उज्ज्वल भविष्य के द्वार भी खोलती है। यह अवसर खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर कराटे में अपनी दक्षता साबित करने और विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने का सुअवसर प्रदान करता है।इस प्रतियोगिता की विशेषता यह है कि इसमें विश्व कराटे के प्रमुख और सम्मानित वर्ल्ड ग्रैंडमास्टर पित्रों जयूपा इटली से पधार रहे हैं, जो प्रतियोगिता के प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करेंगे एवं कराटे प्रेमियों को प्रेरित करेंगे। यह आयोजन भारतीय कराटे खिलाड़ियों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जिसमें वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के दिग्गजों से प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

————//——-छत्तीसगढ़ की टीम का गरिमामयी प्रतिनिधित्वइस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ राज्य की कराटे टीम भी भाग ले रही है, जिसका नेतृत्व प्रदेश के कराटे प्रमुख रमाकांत एस. मिश्र कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य की टीम का चयन रमाकांत एस. मिश्र द्वारा किया गया है, जो प्रदेश में कराटे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस टीम का प्रतिनिधित्व रायपुर जिले के प्रशिक्षक नेमश कुमार साहू एवं मुंगेली जिले के प्रशिक्षक बहोरन वर्मा कर रहे हैं। ये दोनों प्रशिक्षक राज्य में कराटे को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए संकल्पित हैं।छत्तीसगढ़ की टीम में शामिल खिलाड़ियों को रमाकांत एस. मिश्र के मार्गदर्शन में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। इसी क्रम में, प्रशिक्षक नेमश कुमार साहू एवं बहोरन वर्मा ने भी खिलाड़ियों को हर स्तर पर तैयार करने में विशेष योगदान दिया है।

—–//——प्रतियोगिता के बाद खिलाड़ियों का पर्यटन
भ्रमणप्रतियोगिता के उपरांत, छत्तीसगढ़ राज्य के खिलाड़ियों को भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा, जिसमें मसूरी, नैनीताल, दिल्ली, लाल किला, हरिद्वार, ऋषिकेश, मथुरा, आगरा एवं वृंदावन शामिल हैं। यह यात्रा न केवल खिलाड़ियों के लिए एक मनोरंजक अनुभव होगा, बल्कि उन्हें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से भी रूबरू कराएगा।इस महत्वपूर्ण आयोजन के माध्यम से भारतीय कराटे प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने और वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा। कराटे प्रेमियों एवं खेल जगत से जुड़े सभी व्यक्तियों से अनुरोध है कि वे इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता का हिस्सा बनें और इसे सफल बनाने में अपना सहयोग दें।