बिलासपुर/ तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ राज्य में विष्णु देव साय की मंत्री मंडल विस्तार आज महावीर जयंती के सुअवसर होने की पूरी उम्मीद थी लेकिन एक विधायक को मंत्री मंडल में शामिल करने पर छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ विधायकों एवं संगठन के पदाधिकारियों के बीच आपसी तालमेल नहीं बैठने के कारण मंत्री मंडल का विस्तार नहीं होने की बात कही जा रही है। वहीं राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विष्णु देव साय की सरकार में कुछ मंत्रियों की छुट्टी की जाएगी और कुछ वरिष्ठ विधायक, पूर्व मंत्रियों को मंत्री मंडल में जगह दी जाएगी। लेकिन रायपुर शहर के विधायक पुरंदर मिश्रा को मंत्री बनाए जाने की लाॅबी चल रही है और यह लाॅबी उड़िया समाज द्वारा चलाई जा रही है। बताया जा रहा है कि पुरंदर मिश्रा मूलतः उड़िसा के ही वंशज हैं इसलिए इन्हें विधायक का टिकट देने पर उड़िया लाॅबी चली थी और यही कारण है कि इनके विरोध खुद भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी कर रहे हैं और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर द्वारा विधानसभा सत्र के दौरान अपने ही सरकार को घेरने के कारण सरकार की खूब फजीहत होती है,ऐसे में अजय को मंत्री बनाए जाने पर जोर दी जा रही है लेकिन मंत्री मंडल की दौड़ में बिलासपुर शहर विधायक अमर अग्रवाल, रायपुर विधायक राजेश मूणत वरिष्ठता के आधार में शामिल हैं और यही कारण है कि सिर्फ और सिर्फ पुरंदर मिश्रा के कारण मंत्री मंडल का विस्तार नहीं हो सका। वहीं वर्तमान में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंत्री मंडल में मूलतः छत्तीसगढ़िया विधायक ही मंत्री बने हुए हैं,भले ही कुछ मंत्रियों की कार्यप्रणाली के कारण हटाया जा सकता है लेकिन आज पुरंदर मिश्रा के कारण मंत्री मंडल का विस्तार न हो पाना उड़िया समाज की महत्व को समझा जा सकता है कि छत्तीसगढ़ राज्य में उड़िया समाज का दबदबा कैसा है और छत्तीसगढ़िया जात-पात में बंटने के कारण आज तक अपना अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं जो हमारे छत्तीसगढ़िया नेताओं की कमजोरी के कारण से होना बता रहे हैं। बहरहाल देखना है कि मंत्रीमंडल विस्तार में छत्तीसगढ़िया विधायकों को जगह मिलती है या मूलतः दूसरे प्रदेश के वंशज को जगह दी जाती है…?