शासकीय करण की मांग को लेकर साय सरकार और पंचायत सचिवों में तकरार जारी… हड़ताल के दौरान हुई तीन मौतों पर किसकी जिम्मेदारी…साय सरकार के अड़ियल रवैए से प्रधानमंत्री मोदी की छबि पर पड़ रहा है असर।

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सरायपाली/ विकास नंद /सर्वव्यापी

प्रदेश के समस्त पंचायत सचिव शासकीय करण की मांग को लेकर 18 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं इसी क्रम में पंचायत सचिवों ने 9 अप्रैल से अनशन पर हैं और लगातार अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं वहीं ग्रामीणों के कई काम काज नहीं हो पा रहा है, वहीं शासन ने सचिवों को अल्टीमेटम देने के बाद भी सचिव अपनी मांग पूरी करवाने के लिए डटे हुए हैं और अब भुख हड़ताल कर आर पार की बात कर रहे हैं सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य बाधित न हो उसके लिए बतौर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए आदेश जारी कर रोजगार सहायकों, महिला बाल विकास एंव कृषि विभाग को मैदान पर उतारने का निर्णय लिया है परंतु महिला बाल विकास विभाग एवं कृषि विभाग द्वारा शासन के आदेश अनुसार प्रभार नहीं लेना चाहते हैं और इस संबंध में महिला बाल विकास विभाग एवं कृषि विभाग द्वारा संयुक्त रूप से प्रभार मुक्त करने के लिए लिए सरायपाली जनपद पंचायत के सीईओ को ज्ञापन भी सौंपा गया परंतु सीईओ ने उन्हें समझाइश देकर ज्ञापन लेने से इंकार कर दिया ब्लॉक सचिव संघ अध्यक्ष और जिला सचिव अध्यक्ष ने बताया कि सरकार अपने शासकीय करण के वादे को निभाने के लिए बहाने बना रही है साय सरकार ने अपने संकल्प पत्र में घोषित किया था कि पंचायत सचिवों का शासकीय करण शीघ्र किया जाएगा जिसके लिए एक कमेटी भी बनाई गई थी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है उसके बावजूद लगभग डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार पंचायत सचिवों के शासकीय करण को लेकर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है।

आगे सचिव संघ के जिला अध्यक्ष ने बताया कि अभी सचिवों के हड़ताल के दौरान सचिव संघ द्वारा कुछ सचिवों की समिति प्रदेश सरकार के पंचायत मंत्री विजय शर्मा से मुलाकात कर अपनी मांग को पूरा करने की गुजारिश करते हुए कहा कि पंचायत सचिवों को कब तक शासकीय करण किया जाएगा कम से कम सरकार उस समयावधि की घोषणा सार्वजनिक रूप से कर दें तो हम हड़ताल समाप्त करने को तैयार हैं परंतु पंचायत मंत्री ने एक और समिति बनाकर इस मांग पर पुर्ण विचार के बाद ही कोई आश्वासन देने की बात कहीं आगे सचिवों द्वारा बताया कि हड़ताल के दौरान हमारे तीन सचिव भाई शहीद हो गए हैं फिर भी साय सरकार अपने अड़ियलपन पर अड़ी हुई है और मोदी की गारंटी को पूरा नहीं करने का नया बहाना बना रही है आखिर इन तीन मौतों की जिम्मेदार सुशासन वाली साय सरकार नहीं तो कौन है आज सरायपाली धरना स्थल पर सचिवों इअपने तीन साथियों के देहांत पर दो मिनट का मौन धारण कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी सचिवों ने कहा कि हमारे साथीयों के मृत्यु व्यथ नहीं जाने देंगे अब यह हमारे लिए आर पार की लड़ाई बन चुकी है जिसके लिए आगामी 21 अप्रैल को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे उसके बाद दिल्ली से लौटकर राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री और पंचायत मंत्री के निवास का घेराव करने की बात कही। बहरहाल इस बार पंचायत सचिव सरकार से अपनी मांग पूरी करवाने के लिए आर-पार के मूड में हैं लेकिन इससे राज्य की साय सरकार के साथ साथ प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी वाली छवि भी पर भी बुरा असर पड़ रहा है ग्रामीण इलाकों में विकास कार्य बाधित हो रहें इसलिए साय सरकार को पंचायत सचिवों के शासकीय करण की मांग को लेकर सरकार को नरमी दिखातें हुए मांग पूरी करने की एक निश्चित समयावधि बताकर पंचायत सचिवों का हड़ताल खत्म करवा कर वापस काम पर लौटने हेतु शीघ्र आदेश जारी करने की आवश्यकता है।


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