बिलासपुर/ तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

भाजपा की सत्ताधारी राज्य में ऐसा कोई राज्य नहीं होगा जहां पर चुनाव के दो महीने के भीतर सरकार में मंत्री मंडल का पूर्ण विस्तार न हुआ हो और उस राज्य की भाजपा सरकार अपने तमाम मंत्रियों के साथ मोदी की गारंटी पूर्ण करने में लग चुके हैं लेकिन बड़े ही दुर्भाग्य और शर्म की बात है कि आज छत्तीसगढ़ राज्य की भाजपा सरकार के मुखिया विष्णु देव साय के कार्यकाल को सवा साल पूर्ण हो चुके हैं लेकिन इस राज्य में अब तक मंत्री मंडल का पूर्ण विस्तार नहीं हो सका और जो विधायक मंत्री, संसदीय सचिवों के पद के दावेदार हैं वह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा इस विषय पर ठोस निर्णय न लें पाना अपने आप में हास्यास्पद है। वहीं हर सप्ताह और कुछ न कुछ विशेष दिनों पर मंत्री मंडल का विस्तार होने की बात सुनते सुनते न केवल दावेदारों का बल्कि नौकरशाहों का भी कान पक चुके हैं। ऐसे में निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के परम मित्र से बैठकर छत्तीसगढ़ में मंत्री मंडल विस्तार, संसदीय सचिवों और शेष बचे निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड में नियुक्ति को लेकर सलाह मशविरा करने चाहिए क्योंकि नरेंद्र मोदी ने बिलासपुर जिले के बिल्हा विधानसभा के ग्राम पंचायत मोहभट्टा में आयोजित समारोह में वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को अपना परम मित्र बताया था और वहीं डॉ रमन सिंह छत्तीसगढ़ में 15 साल तक मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उनके कार्यकाल में भी मंत्रीमंडल, संसदीय सचिवों के साथ ही निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड में नियुक्ति को लेकर इस तरह लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी थी। ऐसे में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को छत्तीसगढ़ के तीन बार मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह से बैठकर मंत्री मंडल विस्तार के साथ ही संसदीय सचिवों और शेष बचे निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड में नियुक्ति कर देनी चाहिए। वैसे भी मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रमुख पदों पर डाॅ रमन सिंह के मुख्यमंत्री कार्याकाल के समय जो अफसर सीएम सचिवालय में पदस्थ थे , उनमें प्रमुख माने जाने वाले वरिष्ठ आईएएस अफसर सुबोध कुमार सिंह, रजत कुमार वर्तमान में मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ हैं और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रमुख सचिव के रुप में सुबोध सिंह पदस्थ हैं। जिन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, डॉ रमन सिंह से लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को खुद से ज्यादा सुबोध सिंह पर भरोसा है तो विष्णु देव साय को पूर्व मुख्यमंत्री व विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह के साथ ही सुबोध सिंह जैसे वरिष्ठ अफसर से मंत्रीमंडल विस्तार, संसदीय सचिवों,शेष बचे निगम, मंडल, आयोग,बोर्ड के साथ ही अपेक्क्ष बैंक,जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों में नियुक्ति को लेकर अंतिम मुहर आज कल में लगा देना चाहिए जो विष्णु देव साय सरकार के लिए बेहतर होगा अन्यथा जिस तरह से उक्त नियुक्ति न होने से सरकार की फजीहत हो रही है ,वह व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री होने के नाते विष्णु देव साय के ऊपर दोष मढ़ा जाएगा, इससे इंकार भी नहीं किया जा सकता है , इसलिए अब विष्णु देव साय को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के परम मित्र डॉ रमन सिंह और सुबोध सिंह के साथ मिलकर उक्त नियुक्तियों को अंजाम देना उचित होगा। वैसे भी कुछ दिन पहले विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड में हुए नियुक्ति को डाॅ रमन सिंह की पसंदीदा बताया जा रहा है तो फिर आखिर क्यों विष्णु देव साय मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं करते हुए, संसदीय सचिवों, शेष बचे निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड और जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों,अपेक्क्ष बैंक में नियुक्ति जारी करने में असमर्थ क्यों है..? इस सवाल का जवाब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ही दे सकते हैं..!