बिलासपुर/ तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
संत रविदास नगर करबला के वार्ड क्रमांक 34 से पार्षद पद की दौड़ में अनिता राजकुमार विश्वकर्मा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रबल दावेदार के रूप में उभरी हैं। क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता और सक्रियता ने उन्हें जनता की पहली पसंद बना दिया है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि श्रीमती अनिता ने हमेशा वार्ड की समस्याओं को समझने और उनके समाधान में अग्रणी भूमिका निभाई है।बी.ए. स्नातक अनिता न केवल शिक्षित हैं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी उनका विशेष योगदान है। विश्वकर्मा समाज की एक सक्रिय सदस्य के रूप में उन्होंने समुदाय और समाज के विकास में निरंतर कार्य किया है। उनके सरल और सहज व्यवहार ने वार्ड के हर वर्ग का विश्वास अर्जित किया है।अनिता ने अपनी दावेदारी पेश करते हुए कहा, “यदि जनता मुझे सेवा का अवसर देती है, तो मैं वार्ड की हर समस्या का समाधान करूंगी। चहुमुखी विकास और शासन की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर नागरिक तक पहुंचाना मेरी प्राथमिकता होगी।वहीं अनिता के पुत्र ऋषभ विश्वकर्मा (गोल्डी) ने भी क्षेत्र की राजनीति में अपनी जगह बनाई है। मात्र 26 वर्ष की उम्र में ऋषभ ने भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) में सक्रिय भूमिका निभाई है। 2016 में भाजयुमो के सोशल मीडिया प्रभारी के रूप में कार्य शुरू करने वाले ऋषभ वर्तमान में जिला कार्यसमिति के सदस्य हैं।ऋषभ का कहना है, मैं युवाओं के लिए एक ऐसा मंच तैयार करना चाहता हूं, जहां उनकी आवाज सुनी जाए और उनके विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।अनिता के सुपुत्र ऋषभ भी राजनीतिक में सक्रिय हैं और इनकी जोड़ी ने अपने सामूहिक प्रयासों से वार्ड 34 में विकास की नई उम्मीद जगाई है। जनता का कहना है कि मां-बेटे का यह नेतृत्व न केवल वार्ड को समस्याओं से निजात दिलाएगा, बल्कि एक नई दिशा में ले जाएगा।मोहल्ले के लोग आशा कर रहे हैं कि पार्टी से अनिता को टिकट मिलने पर उनकी जीत सुनिश्चित होगी।अनिता राजकुमार विश्वकर्मा ने स्पष्ट किया है कि उनका लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं है, बल्कि वार्ड में शिक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करना है। जनता के साथ उनके करीबी संबंध और समर्पण ने उन्हें वार्ड में एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित किया है।अब, जनता को भरोसा है कि अगर अनिता विश्वकर्मा पार्षद बनती हैं, तो वार्ड 34 के विकास की नई ईबादत लिखी जाएगी।