स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में स्वशासी समिति साधारण सभा की बैठक संपन्न… स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय।

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विकास नंद/ सर्वव्यापी/

प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में आज गुरुवार को जिला पंचायत महासमुंद के सभाकक्ष में चिकित्सा महाविद्यालय महासमुंद की स्वशासी समिति साधारण सभी की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत व जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से कई अहम निर्णय लिए गए। जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ को मेडिकल टूरिज्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। निजी अस्पतालों की स्थापना के लिए औद्योगिक नीति के तहत 35 से लेकर 55 प्रतिशत छूट दिया जा रहा हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेज टीम से कहा कि बेहतर सेवा के साथ इस क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज को एक नई पहचान देवें।बैठक में सांसद रूपकुमारी चौधरी, महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, बसना विधायक सम्पत अग्रवाल, पूर्व राज्यमंत्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त शिखा राजपूत, कमिश्नर महादेव कांवरे, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, संचालक डॉ. यू.एस. पैकरा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस. आलोक, डीन डॉ. डी.ए. रेणुका गहने, एवं मेडिकल अधीक्षक श्री बसंत माहेश्वरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी. कुदेशिया सहित समिति के सदस्य तथा शासकीय एवं निजी चिकित्सालय के चिकित्सक उपस्थित रहे।स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने बैठक के दौरान कहा कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है कि महासमुंद अंचल में मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो रही है। यहां से अच्छे और सेवाभावी डॉक्टर निकले ताकि मरीजों का बेहतर उपचार हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि शासकीय अस्पतालों को निजी अस्पतालों के तर्ज पर अच्छी सी अच्छी और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिले। उन्होंने कहा कि सरकार के पास धन राशि की कमी नहीं है। यदि चिकित्सक पूर्ण मनोभाव और सेवा भाव से कार्य करें तो शासकीय चिकित्सालय भी लोगों के भरोसे पर खरा उतरेंगी।बैठक के दौरान महाविद्यालय एवं जिला चिकित्सालय में उपचार हेतु पूर्व निर्धारित दरों की समीक्षा की और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया। इसके अतिरिक्त, बैठक में निर्माणाधीन आधारभूत संरचनाओं को तय समय सीमा के भीतर और गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने हेतु दिशा-निर्देश जारी किए गए। स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के तहत आवश्यकतानुसार पदों पर भर्ती की स्वीकृति भी दी गई। इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए लाइब्रेरी, सीसीटीवी कैमरा, सम्मेलन प्रशिक्षण हेतु राशि, एक्स-रे मशीन, निश्चेतना विभाग हेतु ऑटोमेटेड मशीन, एयर कंडीशनर, एम्बुलेंस के लिए सर्व सम्मति से अनुमोदन किया गया। साथ ही सिटी स्कैन मशीनों के लिए निजी अस्पतालों से अनुबंध कर मरीजों को सुविधा देने का निर्णय लिया गया। बैठक में बताया गया कि जिला चिकित्सालय के उन्नयन हेतु 60 करोड़ रूपए प्रावधानित किया गया है। बैठक में अधिष्ठाता एवं सदस्य सचिव डॉ. रेणुका गहने ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। मौजूद सदस्यों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए जिस पर सहमति व्यक्त की गई।साधारण सभा की बैठक में महाविद्यालय की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए तंत्र को और अधिक सक्रिय और संवेदनशील बनाए जाने पर भी विशेष चर्चा हुई। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और महासमुंद जैसे जिलों में चिकित्सा सुविधाओं को व्यापक रूप से विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी स्तरों पर सतर्कता और समन्वय बनाए रखें। बैठक में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने कहा कि स्वशासी समिति को विभिन्न स्तरों पर खर्च करने के लिए छूट दी गई है। इसमें कमिश्नर स्तर पर गठित वित्त समिति के लिए 10 लाख रुपए तक की छूट दी गई है। प्रबंधकारिणी समिति 02 करोड़ रूपए तक की खरीदी एवं निर्माण कार्य करा सकती है। इससे स्वास्थ्य सुविधा सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि सभी खरीदी ई संपादन पोर्टल के माध्यम से किया जाए जो पूरी तरह से पारदर्शी है।


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