सरायपाली/ विकास नंद/ सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित सुशासन तिहार के अंतिम चरण में आज सरायपाली विकास खंड के दूरस्थ वनांचल ग्राम गेर्रा में अंतिम समाधान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें 1836 आवेदन प्राप्त हुए थे जिनमें से 1833 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया इस मौके पर सभी विभागों के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहें और शासन द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में ग्रामीणों को विस्तृत जानकारी देते रहें श्रमिकों को श्रम कार्ड वितरित किए गए। उमस भरी गर्मी में अधिकारी और जनप्रतिनिधि लोगों की समस्यायों के निराकरण की मंशा से शिविर में उपस्थित रहें इस समाधान शिविर में सरायपाली विकास खंड के विभिन्न ग्राम अंतरझोला, बलौदा,बनोभांठा, बेलमुंडी,छिबर्रा, डूमरपाली,गेर्रा,खोखेपुर, कोढ़द्वारी,कुसमीसरार,टेमरी के ग्रामीण अपने समास्याओं के समाधान के लिए पहुंचे थे जिनमें लगभग सभी के समस्याओं को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने गंभीरता पूर्वक सुना और निराकरण करने का प्रयास किया आज सुशासन तिहार के अंतिम चरण में ग्राम गेर्रा में समाधान शिविर का समापन हुआ। सरायपाली विकास खंड में कोई भी ऐसा गांव नहीं बचा जो सुशासन तिहार से अछूता रहा हो सुशासन तिहार को समाधान शिविर के माध्यम सफल बनाने में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कड़ी मेहनत की जिसके फलस्वरूप बहुत से लोगों की समस्यायों का निराकरण हुआ और जनता का भरोसा जगा इतनी भीषण गर्मी में भी लोगों के समाधान के लिए जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण डटे रहे जिसके लिए आमजनों द्वारा उनकी सराहना भी की जा रही है। गौरतलब है कि समाधान शिविरों के माध्यम से न सिर्फ त्वरित दस्तावेजीय सेवाएं दी जा रही हैं, बल्कि ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ भी एक ही स्थान पर मिल रहा है। सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित इन शिविरों से गांवों में शासन के प्रति विश्वास और जुड़ाव भी लगातार बढ़ा है। शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने आकर अपने आवेदन दिए और विभिन्न विभागों की सेवाओं का लाभ उठाया। यह पहल शासन की जनकेन्द्रित सोच और पारदर्शी कार्यप्रणाली का प्रमाण है।