सुबोध कुमार सिंह और पी. दयानंद: छत्तीसगढ़ विकास के दो मजबूत स्तंभ… पढ़ें संपादक की कलम से…

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तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ की शासन प्रणाली में यदि वर्तमान समय में दो ऐसे नामों की चर्चा की जाए, जिनकी कार्यशैली, ईमानदारी और परिणाम देने की क्षमता ने राज्य को नई दिशा दी है, तो उनमें प्रमुख रूप से आईएएस सुबोध कुमार सिंह और आईएएस पी. दयानंद का नाम अग्रणी होगा। ये दोनों अधिकारी न केवल शासन के शीर्ष पदों पर आसीन हैं, बल्कि उन्होंने अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में अनुकरणीय कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ को सुशासन और विकास की ओर अग्रसर किया है।*सुबोध कुमार सिंह: संकल्प और संवेदनशीलता के प्रतीक*आईएएस सुबोध कुमार सिंह छत्तीसगढ़ प्रशासन में एक ऐसा नाम हैं, जो अपने मृदुभाषी व्यवहार, गंभीरता से मामलों को सुनने की शैली और समयबद्ध कार्य निष्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं। वह विभिन्न जिलों में कलेक्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं और हर स्थान पर उन्होंने प्रशासनिक नवाचारों से जनता का विश्वास जीता है। बिलासपुर जैसे महत्वपूर्ण जिले में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने प्रशासनिक संवेदनशीलता और सख्त अनुशासन का दुर्लभ संतुलन प्रस्तुत किया।वे रमन सिंह सरकार में मुख्यमंत्री के सचिव रहे और इसके पश्चात केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर जाकर महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। केंद्र में रहते हुए भी उनका ध्यान हमेशा छत्तीसगढ़ की ओर रहा। यही कारण रहा कि जब राज्य में नई सरकार बनी और विष्णु देव साय मुख्यमंत्री बने, तब उन्होंने विशेष आग्रह कर सुबोध कुमार सिंह को पुनः छत्तीसगढ़ बुलवाया। उनकी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति समाप्त कर तत्काल प्रभाव से उन्हें मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया।प्रमुख सचिव के रूप में सुबोध कुमार सिंह न केवल मुख्यमंत्री के भरोसेमंद अधिकारी हैं, बल्कि वे सरकार की नीतियों को धरातल पर उतारने में एक निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। नशाखोरी पर नियंत्रण, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास, भ्रष्टाचार पर लगाम और छत्तीसगढ़िया हितों की रक्षा जैसे मुद्दों पर वे योजनाबद्ध और परिणामोन्मुखी कार्य कर रहे हैं। वे कम बोलने वाले लेकिन तीव्र क्रियान्वयन वाले अफसर के रूप में जाने जाते हैं। उनके कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होती है।

*पी. दयानंद: नियम, नैतिकता और निष्पक्ष प्रशासन का दूसरा नाम*

वहीं आईएएस पी. दयानंद का प्रशासनिक जीवन ईमानदारी, नियमबद्धता और निर्भीकता की मिसाल है। वे वर्तमान में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सचिव के साथ-साथ जनसंपर्क विभाग और खनिज विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों के सचिव हैं। उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे पद और व्यक्ति की परवाह किए बिना केवल नियमानुसार कार्य करते है।


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