विकास नंद/ सर्वव्यापी/
प्रदेश सरकार सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के लिए सख्ती बरतने की तैयारी में है छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा क में यदि कोई बिना लाइसेंस के शराब पीने के लिए स्थान खोलता है ,या अवैध रूप से शराब बेचता है तो इसके लिए 5 हजार रुपए से कम तथा 25 हजार रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है. प्रस्तावित संशोधन में प्रथम अपराध पर न्यूनतम 5000 रुपए जुर्माना का प्रावधान है.सार्वजनिक स्थानों जैसे स्कूल, अस्पताल, पूजा स्थलो बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन तथा आम रास्तों पर शराब पीने पर 2000 रुपए जुर्माना लगता है. प्रस्तावित संशोधन पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा. वहीं अवैध रूप से शराब रेखने परिवहन निर्माण, मादक पदार्थों से जुड़ी खेती पर भंडारण करता है, तो 10 से 25 हजार रुपए जुर्माना और 3 महीने की कैद का प्रावधान है.प्रथम अपराध के लिए 10 हजार रु. तथा इसकी पुनरावृत्ति करने पर 20 हजार रु. जुर्माना लगेगा. यदि कोई लाइसेंसधारी या उसका कर्मचारी किसी नियम का उल्लंघन करता है, और वह प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा तो उससे पचीस हजार रुपए का जुर्माना लिया जाएगा.