विकास नंद/ सर्वव्यापी/
राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग की वृहद समीक्षा बैठक ली। नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पूरे राज्य में सड़कों और पुल-पुलियों की स्थिति, मरम्मत कार्य और आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।उप मुख्यमंत्री साव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य की सभी सड़कों और पुल-पुलियों को आगामी दिसंबर 2025 तक पूरी तरह गड्ढामुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्यों में कोताही और अनियमितता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साव ने सड़कों और पुलों की नियमित निगरानी कर जरूरत के अनुसार त्वरित मरम्मत करने को कहा। उन्होंने गुणवत्ता और टिकाऊपन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। परफॉर्मेंस गारंटी के तहत किए गए मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, संयुक्त सचिव एस.एन. श्रीवास्तव सहित सभी संभागीय और जिला स्तरीय अभियंता वर्चुअल रूप से शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में लोक निर्माण विभाग 8,000 करोड़ रुपए से अधिक के कार्य करेगा। उन्होंने सभी प्रस्तावित कार्यों की डीपीआर शीघ्र भेजने और प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त कार्यों को तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए।उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप, समयसीमा में और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने की सख्त हिदायत दी। साथ ही कहा कि भू-अर्जन के कार्यों में भी तेजी लाई जाए ताकि नई सड़कों का निर्माण समय पर शुरू हो सके।समीक्षा बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य के सभी पुलों का एक माह के भीतर निरीक्षण कर मरम्मत और रखरखाव के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उप मुख्यमंत्री ने अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।लोक निर्माण सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कहा कि बरसात के बाद शुरू होने वाले कार्यों के लिए पूरी तैयारी रखी जाए। उन्होंने सड़क सुरक्षा मानकों को भी सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस साल सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों के लिए 60 करोड़ रुपए का विशेष बजट निर्धारित किया गया है, जिसकी मंजूरी 15 अगस्त तक सुनिश्चित की जाएगी।