संवाददाता – सर्वव्यापी /
छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को अधिक सशक्त, सुलभ और आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए एक नया अध्याय जोड़ा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास परिसर से मैदानी स्वास्थ्य अमले के लिए 151 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया।इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रदेश की जनता को समय पर और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ये वाहन बस्तर और सरगुजा जैसे सुदूर अंचलों में स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होंगे।
”मुख्यमंत्री साय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की निरीक्षण प्रणाली को मजबूत करने, आपात स्थितियों में त्वरित हस्तक्षेप सुनिश्चित करने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से लागू करने हेतु ये वाहन अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि ये वाहन पुराने और अनुपयोगी वाहनों के स्थान पर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त हैं, जिससे राज्य की स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली और अधिक उत्तरदायी और गतिशील बनेगी।जल्द शुरू होंगी 851 नई एंबुलेंस सेवाएंमुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा शीघ्र ही प्रदेश को 851 नवीन एंबुलेंस की सौगात मिलने वाली है। इनमें से:375 एंबुलेंस ‘108’ आपातकालीन सेवा के तहत30 एंबुलेंस ग्रामीण चलित चिकित्सा इकाइयों के लिए163 एंबुलेंस ‘मुक्तांजली’ शव वाहन के रूप में निःशुल्क सेवा के लिएइसके साथ ही प्रधानमंत्री ‘जन मन योजना’ के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 30 विशेष एंबुलेंस की भी व्यवस्था की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पहलों से राज्य सरकार वर्षा ऋतु जैसे चुनौतीपूर्ण समय में भी घर-घर स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के अपने संकल्प को और अधिक प्रभावी रूप से पूरा कर सकेगी।स्वास्थ्य मंत्री व अन्य गणमान्यजन रहे उपस्थित।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता स्वास्थ्य अधोसंरचना का सतत विकास है।
कार्यक्रम में सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त डॉ. प्रियंका शुक्ला समेत बड़ी संख्या में अधिकारीगण एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
यह पहल ‘स्वस्थ छत्तीसगढ़’ की दिशा में एक सशक्त और दूरगामी प्रयास मानी जा रही है, जिससे प्रदेशवासियों को न सिर्फ गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिलेगी, बल्कि राज्य की समग्र स्वास्थ्य तस्वीर भी बदलेगी।