तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और इसके लिए छत्तीसगढ़ के किसानों को बड़ी मेहनत करनी पड़ती है और इनकी बोए हुए फसल को बचाने के लिए किसानों को ही मेहनत करना पड़ रहा है लेकिन इसी कड़ी में एक महिला सरपंच द्वारा अपने गांव के किसानों की फसल बचाने के लिए एक अनोखी पहल की है। जिनकी चारों ओर खूब प्रशंसा हो रही है।
बिलासपुर जिले के हाईकोर्ट से लगे ग्राम पंचायत छतौना की महिला सरपंच राधिका राकेश कौशिक द्वारा अपने गांव को स्वच्छ सुंदर बनाने, नशाखोरी से छुटकारा दिलाने के अलावा सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं से विकास की गंगा बहाने की कार्य में लगी हुई है लेकिन वर्तमान में केवल छतौना ही नहीं पूरे प्रदेश में किसानों की मेहनत को देखा जा रहा है और इनकी मेहनत को बचाने के लिए सरपंच राधिका राकेश कौशिक ने गांव के यादव समाज के लोगों को जो पूर्व से ही गाय चराने का कार्य करते आ रहे हैं उन्हें पुनः गाय चराने की जिम्मेदारी देते हुए उन्हें पुरस्कृत करने का ऐलान की है और किसान के फसल को बचाने के लिए चरवाहे को विशेष रुप से सार्वजनिक रुप में इनाम देने की घोषणा की है। वहीं सरपंच राधिका राकेश कौशिक ने सर्वव्यापी से चर्चा करते हुए कही कि वह अपने गांव में सीसीटीवी कैमरे, नशाखोरी, गांव को स्वच्छ सुंदर बनाने के साथ ही विभिन्न विकास निर्माण कार्य करने के अलावा यहां की शिक्षित महिलाओं, युवाओं को सरकार की योजनाओं के माध्यम से रोजगार दिलाने का प्रयास की जा रही है। सरपंच राधिका राकेश कौशिक ने यह भी बताया कि सड़कों पर रहने वाले मवेशियों को अलग से चिन्हित की जा रही है और मवेशी मालिकों को अपने मवेशियों को खुद के घर पर रखने पर जोर दी जा रही है ताकि सड़कों पर मवेशी न रहे हैं और उन्हें दुर्घटना का शिकार न हो। सरपंच राधिका राकेश कौशिक इन दिनों लगातार उपसरपंच के साथ ही पंचों के साथ मिलकर गांव छतौना की स्थानीय छोटी छोटी समास्याओं को दूर करने का सराहनीय क़दम उठा रही है। जिससे लगता है कि राधिका राकेश कौशिक की सरपंची कार्यकाल में छतौना एक आदर्श नहीं बल्कि स्वच्छ सुंदर पंचायत के रुप में राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार जीतेगी।