विकास नंद/ सर्वव्यापी/

सरायपाली जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत दर्राभाटा के आश्रित ग्राम पेलागढ़ में शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है।
रविवार के दिन सरकारी प्राथमिक विद्यालय परिसर को पंचायत सरपंच एवं सचिव के आदेश पर आवास एवं मनरेगा जांच टीम के लिए अस्थायी निवास में तब्दील कर दिया गया। यह मामला तब प्रकाश में आया जब जांच टीम मौके पर विद्यालय परिसर में ठहरी हुई पाई गई।विद्यालय परिसर के भीतर बिस्तर, खाने-पीने के सामान एवं अन्य व्यवस्था देखकर यह स्पष्ट हुआ कि स्कूल को कुछ समय के लिए आवासीय सुविधा में बदल दिया गया है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत के सरपंच और सचिव के निर्देश पर जांच टीम के लिए यह विशेष व्यवस्था की गई है, जिसमें भोजन, नाश्ता और विश्राम की पूरी सुविधा पंचायत की ओर से उपलब्ध कराई गई है।स्कूल, जहां बच्चों का भविष्य संवरता है, वहां इस तरह की गतिविधियां शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती हैं।सर्वे टीम के सदस्यों से मिली जानकारी के अनुसार, पंचायत क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मनरेगा के तहत चल रहे अधिकांश कार्य अधूरे हैं। कई डाबरी निर्माण कार्य भी केवल कागजों में ही पूरे दिखाए गए हैं। इन सभी अनियमितताओं के बीच, पंचायत द्वारा जांच टीम को सुख-सुविधाओं से लैस कर रखना इस बात की ओर इशारा करता है कि वास्तविकता को दबाने और रिपोर्ट को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और स्कूल परिसर के दुरुपयोग को लेकर कड़ा विरोध जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत अपने काले करतूतों को खान-पान और मेहमानवाजी के जरिए छुपाने की कोशिश कर रही है।
इस घटनाक्रम से न सिर्फ पंचायत प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठते हैं, बल्कि शिक्षा विभाग की निष्क्रियता भी सामने आती है।
यदि स्कूल परिसर का इस तरह उपयोग होता रहा, तो बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर गहरा असर पड़ेगा।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर क्या कार्रवाई करता है।