विकास नंद/ सर्वव्यापी/
कलेक्टर विनय लंगेह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं एवं मुख्यमंत्री की घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक, अपर कलेक्टर रवि साहू, रविराज ठाकुर, सभी विभागों के जिला अधिकारी एवं जनपद सीईओ, सीएमओ सहित संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जर्जर भवनों में किसी भी स्थिति में स्कूल, आंगनवाड़ी या छात्रावास का संचालन नहीं किया जाए। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सामुदायिक या अन्य शासकीय भवनों में संचालन किया जाए और पुराने भवनों के डिस्मेंटलिंग की कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए उन्होंने सरायपाली और खल्लारी की घोषणाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अटल मॉनिटरिंग पोर्टल पर हर माह की प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से अपलोड करें।”एक पेड़ मां के नाम” अभियान की प्रगति और “मोर गांव मोर पानी” योजना की समीक्षा करते हुए पेयजल स्रोतों की सफाई, खुले में गंदगी रोकथाम, सोख्ता गड्ढों और इंजेक्शन वेल निर्माण पर जोर दिया गया।
अब तक जिले में 8265 प्रधानमंत्री आवासों और 5000 अन्य स्थलों पर सोख्ता गड्ढे तथा 178 बंद बोरवेलों पर इंजेक्शन वेल बनाए गए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती समारोह की तैयारी सभी विभाग समय-सीमा में पूरी करें। 16 अगस्त से 31 मार्च तक आयोजित कार्यक्रमों में राज्य की विकास यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा।सड़कों पर घूमते आवारा मवेशियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने सीएमओ और जनपद सीईओ को अभियान चलाकर मुख्य मार्गों से मवेशियों को हटाने के निर्देश दिए।
खाद भंडारण, वितरण और अवैध शराब निर्माण पर नियंत्रण सहित सभी संबंधित विभागों को सख्त निगरानी के आदेश दिए गए।अंत में उन्होंने ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि सभी कार्यालय डिजिटल प्रक्रिया को अपनाएं और जनता से जुड़े राजस्व प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें।