विकास नंद/ सर्वव्यापी/
महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बाल श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम के तहत की गई कार्रवाइयों की समीक्षा की गई।कलेक्टर श्री लंगेह ने उपस्थित अधिकारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं को निर्देशित किया कि वे समन्वय स्थापित कर बाल श्रम निषेध नियम 2017 की धारा 2बी(2) के तहत प्रतिमाह संयुक्त निरीक्षण करें। साथ ही, विद्यालय से एक माह से अनुपस्थित बच्चों की जानकारी श्रम विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जानकारी दी गई कि वर्तमान में कोई भी बच्चा इस श्रेणी में चिन्हांकित नहीं है।
उन्होंने कहा कि बाल श्रमिक पाए जाने पर उन्हें शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 4 के तहत औपचारिक स्कूलों में प्रवेश दिलाकर पुनर्वासित किया जाएगा। होटल, ढाबा, कारखानों और अन्य कार्यस्थलों पर सतत निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम मिलने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में नोडल अधिकारी डी.एन. पात्र ने जानकारी दी कि 12 जून से 30 जून तक विशेष अभियान के तहत 6 संस्थानों का निरीक्षण किया गया। वहीं 2 जून से 10 जून के बीच एक सप्ताह के अभियान में 12 संस्थानों का निरीक्षण हुआ, जिनमें 3 संस्थानों को बाल श्रम निषेध सूचना पटल नहीं लगाने पर नोटिस जारी किया गया।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत एस. आलोक, अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू, जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे, जिला कार्यक्रम अधिकारी टिकवेन्द्र जटवार, श्रम पदाधिकारी डी.एन. पात्र, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अभय पारे समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।