महासमुंद में आवारा मवेशियों पर नकेल कसने कलेक्टर और एसपी की बैठक — हाईकोर्ट निर्देशों पर जिला प्रशासन सख्त।

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विकास नंद/ सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में सड़कों पर आवारा मवेशियों की बढ़ती समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह और पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह ने आज संयुक्त रूप से जिले के अधिकारियों की बैठक ली और आवारा मवेशियों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर तत्काल अमल के निर्देश दिए।

बैठक में अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू, सभी जनपद सीईओ, नगरपालिकाओं के सीएमओ, पशुपालन विभाग, पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ग्राम पंचायतों के सचिव शामिल हुए।

कलेक्टर लंगेह ने निर्देशित किया कि सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और सड़कों पर घूमते व बैठे मवेशियों को तुरंत हटाया जाए और अस्थायी आश्रय स्थलों या गोठानों में सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने कहा कि गोठानों का अधिकतम उपयोग करते हुए मवेशियों को काउ कैचर की मदद से पकड़कर वहां छोड़ा जाए।पशुपालन विभाग को निर्देश दिया गया कि मवेशियों के कानों में लगे टैग के माध्यम से मालिकों की पहचान सुनिश्चित की जाए और ऑनलाइन डाटा तैयार किया जाए, जिससे पशुपालकों पर निगरानी रखी जा सके।

पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह ने बताया कि नेशनल हाईवे सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर रात के समय गश्त बढ़ाई जाएगी और यातायात बाधित करने वाले मवेशियों को तुरंत हटाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिले के आरंभ से लेकर सरायपाली सीमा तक पेट्रोलिंग देर रात तक जारी रहेगी।जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यदि पशुपालक अपने मवेशियों को खुले में छोड़ते पाए गए, तो उनके विरुद्ध जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही, सार्वजनिक स्थलों पर कचरा प्रबंधन सुधारने और पशुपालकों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पशुपालकों और जनप्रतिनिधियों से समन्वय कर दीर्घकालिक समाधान की दिशा में कार्य करें।

आम नागरिकों से भी अपील की वे अपने पशुओं को खुले में न छोड़ें और सुगम व सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।


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