तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दिल्ली से तीन दिवसीय दौरे के बाद रायपुर लौट आए हैं और उनके लौटते ही मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें फिर जोर पकड़ने लगी हैं। पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने संकेत दिया है कि जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। साथ ही निगम, मंडल, आयोग-बोर्ड और संसदीय सचिवों की नियुक्तियां भी संभावित हैं।राजनीतिक गलियारों में इस बार चर्चा है कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर निर्णय लगभग अंतिम रूप ले चुका है और इस बार नए चेहरों की बजाय अनुभव को तरजीह दी जा रही है।
बताया जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सरकार में मंत्री रहे वरिष्ठ विधायक राजेश मूणत, अजय चंद्राकर, और अमर अग्रवाल को फिर से मंत्री बनाया जा सकता है।
ये तीनों विधायक राजनीतिक अनुभव, प्रशासनिक पकड़ और संगठन में सक्रियता के लिए जाने जाते हैं। सूत्रों की मानें तो विधानसभा चुनाव 2028 की तैयारी को ध्यान में रखते हुए अनुभवी चेहरों को कैबिनेट में लाने की योजना है।सूत्रों का यह भी कहना है कि वर्तमान कैबिनेट से दो-तीन मंत्रियों को हटाकर नए पुराने अनुभवी विधायकों को मौका दिया जाएगा।
मंत्रिमंडल विस्तार की संभावित तारीख 5 अगस्त से 10 अगस्त 2025 के बीच बताई जा रही है।वहीं, युवा नेतृत्व को भी जिम्मेदारी देने की तैयारी है। बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक को विधानसभा उपाध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा है, जबकि सुशांत शुक्ला, भावना बोहरा, नीलकंठ टेकाम, अनुज शर्मा, प्रणव मरपच्ची सहित अन्य युवा और नए विधायकों को संसदीय सचिव की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।बहरहाल, अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार आखिर कब होता है। यह खबर फिलहाल राजनीतिक सूत्रों और अंदरखाने की चर्चाओं पर आधारित है।