विकास नंद /सर्वव्यापी/
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष पहल और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ को आज एक और बड़ी सौगात मिली।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार प्रकट किया।इस ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह में वर्चुअल रूप से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, मनसुख मांडविया और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए। साथ ही रीवा-पुणे एक्सप्रेस और भावनगर-अयोध्या एक्सप्रेस की शुरुआत भी इसी अवसर पर की गई।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बीते एक दशक में छत्तीसगढ़ के रेलवे बजट में 21 गुना वृद्धि हुई है और इस वर्ष राज्य को 6,900 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हुई है। वर्तमान में प्रदेश में 47,000 करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाएं संचालित हैं। उन्होंने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 32 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है, जिससे यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी प्रधानमंत्री की विशेष रुचि से रेलवे विकास की राह खुली है। रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना सहित अन्य योजनाएं क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक प्रगति में सहायक होंगी। रायपुर-जबलपुर रेल सेवा पर्यटन, शिक्षा और व्यापार को नई गति प्रदान करेगी।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नई रेल सेवा को छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच संपर्क सशक्त करने वाला कदम बताया।
उन्होंने कहा कि यह ट्रेन 410 किलोमीटर की दूरी को महज 8 घंटे में तय करेगी, जिससे डोंगरगढ़, बालाघाट, गोंदिया और जबलपुर जैसे शहरों की यात्रा सुगम हो सकेगी।
इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश, डीआरएम दयानंद सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
नए ट्रेन की सेवा यात्रियों को तेज़, आरामदायक और किफायती यात्रा प्रदान करेगी। नियमित रूप से चलने वाली यह गाड़ी संख्या 11701 दोपहर 2:45 बजे रायपुर से प्रस्थान कर रात 10:45 बजे जबलपुर पहुँचेगी, वहीं वापसी में गाड़ी संख्या 11702 सुबह 6:00 बजे जबलपुर से रवाना होकर दोपहर 1:50 बजे रायपुर पहुँचेगी। ट्रेन में कुल 15 कोच होंगे जिनमें AC चेयर कार, सामान्य कोच, पावर कार आदि शामिल हैं।यह सेवा विशेष रूप से व्यापारियों, छात्रों, पर्यटकों और दैनिक यात्रियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। रायपुर, डोंगरगढ़, बालाघाट, नैनपुर और जबलपुर जैसे ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों की सीधी पहुँच से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।
यह रेल सेवा तीन राज्यों—छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश—के बीच क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त बनाने और समग्र विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।