तरुण कौशिक/ संपादक- सर्वव्यापी/
बिलासपुर, 06 अगस्त 2025 —छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर जिले में “हर घर तिरंगा” अभियान की तैयारी के तहत गनियारी स्थित नारी शक्ति केंद्र में महिलाओं द्वारा तिरंगा सिलने का कार्य किया जा रहा है।
इस कार्य की सराहना और प्रचार-प्रसार हेतु जनसंपर्क विभाग द्वारा एक फोटो शूट करवाया गया, लेकिन यह प्रचार अब विवाद का रूप ले चुका है।
फोटो शूट के दौरान कुछ महिलाओं ने तिरंगे को उल्टा पकड़कर फोटो खिंचवाया, जिसकी तस्वीरें अब वायरल हो रही हैं।
यह न केवल एक गंभीर असावधानी है, बल्कि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के साथ एक सीधा खिलवाड़ भी माना जा रहा है। तिरंगे के अपमान को लेकर नागरिकों और जागरूक संगठनों ने गहरी नाराजगी जताई है।
इस पूरे घटनाक्रम में गलती केवल उन महिलाओं की नहीं, बल्कि उससे भी बड़ी जिम्मेदारी फोटो लेने वाले कैमरा मैन और फोटो शूट की निगरानी कर रहे जनसंपर्क विभाग की बनती है।
यदि शूट से पहले झंडे की स्थिति पर ध्यान दिया जाता, तो यह शर्मनाक चूक रोकी जा सकती थी।
अब प्रश्न यह उठता है कि जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल इस लापरवाही की जिम्मेदारी किस पर तय करेंगे? क्या
तिरंगा सिलने वाली महिलाओं को दोषी ठहराया जाएगा या सरकारी फोटो शूट की व्यवस्था करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी?
यह देखना बाकी है।
राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के प्रति लापरवाही कोई सामान्य भूल नहीं है, और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर जल्द कार्रवाई की मांग उठने लगी है।