तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के ग्राम पंचायत अमरपुर पेंड्रा की राजकुमारी गुप्ता, पिता निर्मल गुप्ता, अपनी जमीन की फर्जी रजिस्ट्री के मामले में इंसाफ की तलाश में एक बार फिर इंटक जिला कार्यालय पहुंचीं। पीड़िता का आरोप है कि उसकी 58 डिसमिल जमीन धोखाधड़ी से रोहित चौधरी के नाम बेच दी गई।इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी से बातचीत में उन्होंने बताया कि मामले की पूरी जानकारी और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। दूसरे पक्ष ने आपसी समझौते के लिए समय मांगा था, इसलिए कार्रवाई में देरी हुई है।इदरीस अंसारी के मुताबिक, राजकुमारी की मानसिक कमजोरी का फायदा उठाते हुए अशफाक मंसूरी, कुसुम गुप्ता और रोहित चौधरी ने षड्यंत्र रचा। आवास योजना की सुकृति का झांसा देकर उसे तहसील कार्यालय पेंड्रारोड ले जाया गया और अशफाक मंसूरी के नाम पावर ऑफ अटॉर्नी करवा दी गई। इसके बाद मात्र एक लाख रुपए में जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई।पीड़िता का बैंक खाता खुलवाया गया, जिसमें पचास हजार रुपए दो बार जमा हुए, लेकिन एटीएम अपने पास रखकर सारा पैसा निकाल लिया गया। खाली खाता पीड़िता के हाथ में पकड़ा दिया गया।जब सर्वव्यापी संवाददाता ने सवाल किया कि इतने सबूत होने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई, तो इंटक अध्यक्ष ने कहा कि सात साल में यह पहला मामला है जिसमें थोड़ा समय लग गया है। सरकारी अफसर तो लाखों की तनख्वाह लेकर भी आदमी देखकर कार्रवाई करते हैं, उनसे तो कोई सवाल नहीं पूछता।उन्होंने बताया कि यह मामला पुलिस अधीक्षक भगत और एडिशनल एसपी चंदेल को मौखिक रूप से बताया जा चुका है। अधिकारियों ने लिखित शिकायत देने को कहा है।इंटक अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि आपसी समझौता नहीं हुआ तो 17 अगस्त को इंटक परिवार सभी आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करेगा और तत्काल कार्रवाई की मांग करेगा।