विकास नंद/ सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ में तीजा-पोरा पर्व इस बार केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं रहा, बल्कि यह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जन्मदिन के अवसर पर कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन में तब्दील हो गया।
तेज बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, समर्थक और दिग्गज नेता कार्यक्रम में पहुंचे और बघेल को शुभकामनाएं दीं।
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, रविंद्र चौबे, शिव डहरिया, अमरजीत भगत, अनिला भेड़िया सहित कई विधायक, पूर्व सांसद और पदाधिकारी मौजूद रहे।
मंच से नेताओं ने संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की दिशा और नेतृत्व का केंद्र भूपेश बघेल ही हैं।
रविंद्र चौबे ने संबोधन में कहा कि “भूपेश बघेल को डराने और दबाने की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन वे न डरेंगे और न दबेंगे।”समारोह में कांग्रेस समर्थक बघेल की तस्वीर और नाम वाले टी-शर्ट पहनकर पहुंचे।
छत्तीसगढ़ी गीतों की धुन पर कार्यकर्ता और समर्थक झूमते नजर आए।
वहीं, इस आयोजन को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार किया।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि “कांग्रेस ऐसा प्रस्तुत कर रही है जैसे त्योहारों का आविष्कार उसी ने किया हो। त्योहार हमारी संस्कृति का हिस्सा हैं, दादा-परदादा से मनाए जाते आ रहे हैं। कांग्रेस छत्तीसगढ़ की संस्कृति को चुनौती दे रही है।
”इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने भी तीजा-पोरा पर्व की महत्ता बताते हुए कहा कि “यह सबका त्यौहार है, बेटियां-बहुएं मायके जाती हैं और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। बच्चे मिट्टी के खिलौनों से खेलते हैं। इसे मिल-जुलकर मनाना चाहिए।” उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि “इंद्र देव भी प्रसन्न हैं, कार्यक्रम शुरू होने से लगातार बारिश हो रही है, लेकिन उत्साह में कोई कमी नहीं है।
”👉 इस तरह, भूपेश बघेल का जन्मदिन और तीजा-पोरा पर्व दोनों ही कांग्रेस के लिए शक्ति प्रदर्शन का मंच बन गए, जिस पर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई।