बिना U-DISE कोड के संचालित हो रही स्कूल पर कार्रवाई नहीं, पालक ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना से लगाई गुहार।

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तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/

शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। शहर के चिल्हाटी मोपका क्षेत्र में संचालित हैप्पी किड्स स्कूल बिना U-DISE कोड के शिक्षा दे रहा है। जबकि शासन द्वारा साफ निर्देश जारी किए गए हैं कि बिना पंजीयन और निर्धारित कोड के कोई भी निजी शैक्षणिक संस्था संचालित नहीं की जा सकती।इस संदर्भ में पालक रजनी जायसवाल ने जिला शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर को लिखित शिकायत दी थी और मांग की थी कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही इस स्कूल के खिलाफ तत्काल कार्यवाही की जाए। लेकिन शिकायत के कई दिन बीत जाने के बाद भी शिक्षा विभाग ने अब तक किसी भी प्रकार की जांच या कार्रवाई नहीं की है।पालक का आरोप है कि विभाग की चुप्पी से साफ जाहिर होता है कि या तो अधिकारी इस गंभीर मामले को नजरअंदाज कर रहे हैं या फिर जानबूझकर स्कूल प्रबंधन को संरक्षण दे रहे हैं। उनका कहना है कि जब शासन-प्रशासन द्वारा नियम-कायदों को सख्ती से लागू करने की बात कही जाती है, तब ऐसे मामलों में अनदेखी होना शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।निराश होकर पालक ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना से मदद मांगी है। संगठन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि बच्चों की शिक्षा और भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जिला शिक्षा अधिकारी तत्काल कार्रवाई नहीं करते, तो क्रांति सेना आंदोलन के लिए बाध्य होगी।संगठन का कहना है कि शासन की नीतियों को ताक पर रखकर जिस तरह से यह स्कूल बिना पंजीयन और U-DISE कोड के संचालित हो रहा है, वह न केवल गैरकानूनी है बल्कि शिक्षा के अधिकार कानून का उल्लंघन भी है। इसके अलावा, स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य भी अधर में लटक सकता है, क्योंकि बिना मान्यता प्राप्त स्कूल से जारी प्रमाणपत्र और अंकसूची आगे चलकर मान्य नहीं मानी जाती।छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल इस स्कूल की जांच कर उसे बंद कराया जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही, पालकों से अपील की गई है कि वे ऐसे संस्थानों में अपने बच्चों का दाखिला न कराएं, जो बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं।


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