सरकारी शराब पर राजनीति गरमाई : सत्ता बदली, हालात नहीं बदले – महंगाई और अव्यवस्था से जनता बेहाल।

Share Now

कबीरधाम/धनंजय चेतन साहू/ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी/

प्रदेश की राजनीति में सरकारी शराब को लेकर फिर से गरमी बढ़ गई है। कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाने वाली भाजपा अब खुद उसी राह पर चलती दिख रही है। सत्ता बदलने के बावजूद शराब दुकानों की अव्यवस्था और महंगाई ने आम उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ा दी है।भाजपा नेताओं ने विपक्ष में रहते हुए शराबबंदी को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखे हमले किए थे, लेकिन अब सत्ता में आने के बाद वही भाजपा भी सरकारी शराब दुकानों से राजस्व बढ़ाने में लगी है। दुकानों पर पहले से ज्यादा भीड़ और अव्यवस्था देखी जा रही है।सरकार द्वारा चखना दुकानों की अनुमति देने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। दुकानों के आसपास भीड़भाड़, गंदगी और आए दिन झगड़े जैसी घटनाओं से आम राहगीरों और स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है।समाजिक संगठनों और विपक्षी दलों का आरोप है कि भाजपा ने शराबबंदी का वादा किया था, लेकिन अब वही कांग्रेस की तरह शराब से कमाई का रास्ता चुन रही है। जनता सवाल कर रही है कि आखिर कांग्रेस हो या भाजपा, दोनों का असली एजेंडा शराब से राजस्व कमाना ही क्यों है?


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!