विकास नंद/ सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अधिकारियों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश जारी किया है।
शासन ने स्पष्ट किया है कि कार्यस्थल से अनुपस्थित रहने वाले कार्मिकों पर “काम नहीं तो वेतन नहीं” का सिद्धांत लागू होगा।जारी आदेश में सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इस माह के अनुपस्थित दिवस का वेतन आहरित न करें।
साथ ही 18 अगस्त 2025 से लगातार अनुपस्थित पाए गए एनएचएम अधिकारियों-कर्मचारियों की जानकारी तत्काल राज्य कार्यालय को भेजने को कहा गया है।आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए।
नोटिस में यह स्पष्ट किया जाएगा कि कार्यालय में उपस्थिति दर्ज न करने की स्थिति में उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसके अंतर्गत सेवा से पृथक करने की कार्यवाही भी संभव है।
गौरतलब है कि पूर्व में भी एनएचएम द्वारा उपस्थिति संबंधी आदेश जारी किए गए थे, लेकिन कई जिलों में अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित नहीं हो रहे थे।
शासन ने इस स्थिति को “लोकहित के विरुद्ध एवं पूर्णतः अनुचित” मानते हुए यह सख्त निर्णय लिया है।