विकास नंद/ सर्वव्यापी/
जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने हेतु चलाए जा रहे “आदि कर्मयोगी अभियान” के तहत विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण जिला पंचायत सभाकक्ष में सम्पन्न हुआ।प्रशिक्षण में जिले के पांचों विकासखण्ड से कुल 50 मास्टर ट्रेनर्स ने भाग लिया।
समापन अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत नंदनवार ने ट्रेनर्स को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए कहा कि अब योजनाएं धरातल पर उतरेंगी और इनके क्रियान्वयन में जनसमुदाय की भागीदारी सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि धरती आबा जनभागीदारी अभियान के तहत जनजाति गौरव वर्ष के एक भाग के रूप में आदि कर्मयोगी अभियान की रणनीति बनाई गई है, जिसके अंतर्गत जनजातीय समुदायों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी सचिन भूतड़ा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास शिल्पा साय, राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स, जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधि एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण उपरांत तीन स्तर पर अभियान की संरचना बनाई जाएगी—
1. आदि सहयोगी टीम : शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, चिकित्सक, युवा नेता और सामाजिक मुखिया शामिल होंगे।
2. आदि साथी : वे हितग्राही होंगे जिन्हें योजनाओं का सीधा लाभ दिया जाना है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) और धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति (कमार) समुदाय के लिए 9 मंत्रालयों के 11 प्रकार के कार्य संचालित हो रहे हैं।
महासमुंद जिले के 308 जनजातीय बाहुल्य ग्रामों (महासमुंद 25, बागबाहरा 33, पिथौरा 210, बसना 24 और सरायपाली 16 ग्राम) में 17 मंत्रालयों की 25 योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।