तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

बिलासपुर शिक्षा विभाग के अंदरूनी खेल एक बार फिर उजागर हुए हैं। बिलासपुर संभाग के जेडी शिक्षा आर.पी. आदित्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला शिक्षक कुलदीप सलूजा के युक्तियुक्तकरण आवेदन से जुड़ा है, जिसे 10 सितंबर 2025 को अमान्य घोषित किया गया और सिर्फ 48 घंटे बाद 12 सितंबर 2025 को उसी आवेदन को मान्य कर दिया गया।
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि यह निर्णय सीधे तौर पर संभाग आयुक्त बिलासपुर तक गुमराह करने जैसा है, क्योंकि संभाग स्तरीय निराकरण कार्यवाही में जेडी शिक्षा कार्यालय द्वारा विरोधाभासी आदेश जारी किए गए। सवाल यह उठता है कि आखिर इस अद्भुत “जादू” के पीछे वजह क्या है? कहीं यह मामला लेन-देन और पसंदीदा लोगों को लाभ पहुंचाने से तो नहीं जुड़ा?
शिक्षक संगठन और आम शिक्षक वर्ग इस घटनाक्रम से नाराज हैं। उनका आरोप है कि जेडी शिक्षा ने युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को “शिक्षकों को परेशान करने और मनमानी वसूली करने” का जरिया बना लिया है। चहेते लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, जबकि आम शिक्षक फाइलों और आदेशों के चक्कर में ठोकर खा रहे हैं।शिक्षकों का कहना है कि यह घटना न केवल गंभीर है बल्कि विभागीय पारदर्शिता पर भी सवाल उठाती है।
शिक्षकों ने मांग की है कि जेडी शिक्षा बिलासपुर की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।