तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
हमर देस के मुखिया नरेंद्र मोदी के जनमदिवस आय। ए दिन सिरिफ एक नेता के जन्म दिन नइ, बल्कि संघर्ष, संकल्प अऊ सफलता के जिंदा प्रतीक ला याद करे के अवसर आय।मोदी के जीवन यात्रा ह भारत के असली चेहरा ला उजागर करथे। गुजरात के छोटकन गली मं चाय बेचइय्या लइका, आज विश्व मंच मं भारत के शान ला बुलंद करथे। ओखर जिनगी ह ये बात ला साबित करथे कि लोकतंत्र मं कोनो गरीब लइका घलो मेहनत, ईमानदारी अऊ हिम्मत ले देश के सर्वोच्च पद तक पहुंच सकथे।हमर देस के मुखिया नरेंद्र मोदी मं जनता अपन आप ला देखथे। किसान अपन बेटा के छवि देखथे, मजदूर अपन पसीना के कदर देखथे, अऊ नौजवान अपन सपना के पूरा होए के आस देखथे। मोदी ह सिरिफ नेता नइ, बल्कि वो ह भारत के मेहनतकश समाज के प्रतिबिंब बन चुके हवय। आज हमर भारत के मुखिया नरेंद्र दामोदरदास मोदी के जनमदिवस हे।मोदी के जीवनगाथा हर एक साधारण आदमी बर प्रेरणा बने हे। चाय बेचत नानकड़े दुकन ले अपन सफर शुरू करईया मोदी, आज दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के प्रधानमंत्री बनिस हावय। ये कतेक आसान यात्रा नई रहे। संघर्ष, मेहनत, त्याग अउ आत्मविश्वास, एही चार आधार मोदी ला मोदी बनाय हवय।मोदी के नाम सिरिफ राजनीति नई, बल्कि भरोसा अउ कड़क नेतागिरी के पर्याय बनगे हे। वो ह भारतीय जनता पार्टी ला एक सिरिफ पार्टी ले उठाय के राष्ट्रव्यापी आंदोलन बनाय हवय। 2014 मं ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारा ले दिल्ली मं सत्ता पावत मोदी, धीरे-धीरे देश के नवा चेहरा गढ़त गें।मोदी ह एक तरफ डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया जइसने योजना लायके युवा पीढ़ी ला रोजगार अउ तकनीक के रस्ता खोलिस, त दुसर तरफ आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना जइसने योजना ले गरीब मन बर नवा उम्मीद जगाइस। छत्तीसगढ़ मं रेल, सड़क, उद्योग, शिक्षा अउ स्वास्थ्य के क्षेत्र मं मोदी के सरकार ह नवा प्रोजेक्ट देवत हावय।गांव-गांव बिजली पहुँचना, हर घर मं शौचालय, हर महिला बर गैस सिलिंडर, गरीब बर आयुष्मान कार्ड , ये सब्बो योजना के असर छत्तीसगढ़ के गांव अउ शहर मं देखे जा सकथे। मोदी ह आदिवासी क्षेत्र बर घलो अलग ध्यान देहे । शिक्षा, स्वास्थ्य अउ कनेक्टिविटी के काम के गति लावत हावय।बेरोजगारी, महंगाई अउ किसानों के संकट , ये सब्बो सवाल मोदी के जनमदिवस मं घलो खड़ा हावय। मोदी के योजना तो भरपूर हे, फेर ओकर असली फायदा सब तक कब पहुँचे? कागज मं भले सब्बो योजना चमकथे, पर जमीनी स्तर मं ओकर असर कतका हे ,ये सवाल हमेशा बने रहिथे। मोदी के जीवन ले सब्बोला एक ठन बात जरूर सीखना चाही – ‘संघर्ष ले डरना नई, अपन लक्ष्य मं टिके रहना।’ मोदी ह चाय के दुकन मं अपन सपना ला जिन्दा रखिस अउ आज ओखर सपना पूरा होके देश के सपना बनगे हावय। मोदी के जनमदिवस सिरिफ प्रशंसा के दिन नई, ये दिन आत्ममंथन घलो हे। प्रधानमंत्री मोदी ह जऊन सपना दिखा थें, ओकरा पूरा करे बर सिरिफ सरकार नई, जनता घलो जिम्मेदार हवय।जनमदिवस के ये दिन, छत्तीसगढ़ ले लयके पूरा भारत बर अवसर हवय , मोदी के सोच के संग अपन सोच ला जोड़के, देश ला नवा परछी देबो।ओखर नेतृत्व मं भारत ह नवा आयाम छूइस। डिजिटल इंडिया ले स्वच्छ भारत तक, आयुष्मान भारत ले स्टार्टअप इंडिया तक, अयोध्या मं राम मंदिर ले नवा संसद भवन तक—हर जगह मोदी के संकल्प अऊ दूरदृष्टि के पहचान साफ दिखथे।आज मोदी के जनमदिवस मं पूरा देश कहि रहिस “जोहार विकास ला।” काबर के मोदी के सफर ह हमन ला सिखाथे कि संघर्ष के चूल्हा मं तपके वाला लोहा ह बनेला इस्पात, अऊ मोदी ह बने हवय नवा भारत के असली इस्पात। मोदी ह सिरिफ दिल्ली के सिंहासन मं बैठे प्रधानमंत्री नइ, बल्की करोड़ों भारतवासी के विश्वास, आस्था अऊ नव छवि के पर्याय बन चुके हावंय।