सर्वव्यापी ब्यूरो

सारंगढ़–बिलाईगढ़ क्रिश्चियन फोरम के जिलाध्यक्ष फादर बंसी महिपाल के नेतृत्व में मसीही समाज के सैकड़ों लोगों ने भीम आर्मी भारत एकता मिशन की सदस्यता लेकर बहुजन विचारधारा को आत्मसात किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आपुर बंजारे (पूर्व जिलाध्यक्ष, भीम आर्मी सारंगढ़–बिलाईगढ़) ने की, वहीं मुख्य अतिथि के रूप में माननीय दिनेश आजाद (पूर्व वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष) उपस्थित रहे।विशिष्ट अतिथियों में मान. संतोष बौद्ध (पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संभाग प्रभारी बस्तर), मान. वीरेंद्र कुर्रे (पूर्व प्रदेश प्रवक्ता), मान. मनिंदर सिंह आजाद (पूर्व प्रदेश महासचिव एवं संभाग प्रभारी बिलासपुर), खगेश निराला, अमित जायसवाल, अमन कुमार आजाद, मनोज जांगड़े सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रदेश भीम आर्मी और जिला कमेटी सारंगढ़–बिलाईगढ़ के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।—🙏 पादरीगणों की विशेष उपस्थितिक्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों और नगरों से लगभग 50 पादरीगण इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे, जिनमें पा. बंसी महिपाल, पा. कुंदन पुरैना, पा. अशोक अजय, पा. राजू खूंटे, पा. कार्विको दीप, पा. हिम्मत जायसी, पा. राजू बर्मन, पा. मानव राज, पा. भुवन बंजारे, पा. अजय सोनवानी सहित अनेक पादरीगण शामिल रहे।
—✍️ समाजिक एकता का संदेश
इस अवसर पर फादर बंसी महिपाल ने कहा —> “भीम आर्मी का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति को शिक्षा, समानता और अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। मसीही समाज सदैव शांति, प्रेम और भाईचारे के मार्ग पर चलता आया है, और आज बहुजन विचारधारा के साथ मिलकर यह आंदोलन और मजबूत हुआ है।”मुख्य अतिथि दिनेश आजाद ने कहा —> “बहुजन समाज की एकता ही सामाजिक न्याय की नींव है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर और मान्यवर कांशीराम जी के विचार हमें एक समतामूलक भारत के निर्माण की दिशा में प्रेरित करते हैं। भीम आर्मी सदैव शोषितों, वंचितों और दुखियों की आवाज बनकर खड़ी रहेगी।”वहीं आपुर बंजारे ने अपने उद्बोधन में कहा —> “संविधान के अनुच्छेद 25 से 28 तक प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन और प्रचार करने की स्वतंत्रता दी गई है। मसीही समाज का यह सदस्यता अभियान सामाजिक एकता और बहुजन जागरूकता का प्रतीक है।”—✊ 500 मसीही भाई–बहनों ने लिया संकल्प इस अवसर पर लगभग 500 मसीही समाज के भाइयों–बहनों ने भीम आर्मी भारत एकता मिशन की सदस्यता ग्रहण कर बहुजन समाज की एकता, शिक्षा और संगठन के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।—🕊️ यह आयोजन न केवल धार्मिक सौहार्द और सामाजिक समरसता का प्रतीक बना, बल्कि बहुजन चेतना की नई दिशा में मसीही समाज की ऐतिहासिक पहल के रूप में दर्ज हुआ।


