तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार के शासनकाल में सत्ता पक्ष के एक विधायक पर गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि उक्त विधायक ने अपने आसपास गुंडा तत्वों और आपराधिक छवि के लोगों को एकत्र कर रखा है, जो अब ज़िले भर में अवैध कारोबार का जाल फैलाए हुए हैं। रेत, शराब, परिवहन और ठेकेदारी जैसे क्षेत्रों में इनका दबदबा इतना बढ़ गया है कि आम लोग ही नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी असहज महसूस कर रहे हैं।ग्रामीण जनप्रतिनिधियों का कहना है कि विधायक के करीबी गुंडा किस्म के लोग खुलेआम दबाव बनाते हैं और ठेकों से लेकर शासकीय योजनाओं तक में हस्तक्षेप करते हैं। विरोध करने वालों को धमकाने और झूठे प्रकरण में फँसाने की बात भी सामने आई है।अफसरशाही में भी विधायक की दबंगई का खौफ देखने को मिल रहा है। कई अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि वे मजबूरी में विधायक के इशारों पर काम करने को विवश हैं, क्योंकि ऊँचे स्तर पर राजनीतिक दबाव बना रहता है।जनता अब सवाल उठा रही है कि क्या भाजपा सरकार “सुगम शासन” के नाम पर वास्तव में गुंडा संरक्षण नीति चला रही है? ज़िले में बढ़ती गुंडागर्दी और अवैध कारोबार की खबरें शासन के लिए शर्मनाक स्थिति पैदा कर रही हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व ऐसे विधायक पर कार्रवाई करता है या फिर मौन रहकर अपराध को संरक्षण देता है।


