संविधान में है हर चुनौ‍ती का समाधान...विशेष पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटील का वक्‍तव्‍य। - Sarvavyapi संविधान में है हर चुनौ‍ती का समाधान...विशेष पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटील का वक्‍तव्‍य। - Sarvavyapi

संविधान में है हर चुनौ‍ती का समाधान…विशेष पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटील का वक्‍तव्‍य।

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तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/

राजधानी रायपुर के पड़ोसी महाराष्ट्र के नागपुर परिक्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक, आई.पी.एस. संदीप पाटील ने गुरुवार, 06 नवंबर को महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा महाराष्ट्र में ‘राष्ट्रीय एकता की वर्तमान चुनौतियाँ’ विषय पर आयोजित विशिष्ट व्याख्यान में कहा कि भारत चुनौती पूर्ण परिस्थितियों में अपनी एकता का प्रदर्शन करता रहा है। भारत के संविधान में हर प्रकार की चुनौती का समाधान करने की शक्ति है। देश के सामने आने वाली समस्‍या किस प्रकार से सुलझाई जा सकती है यह हमने आजा़दी के 75 वर्ष में देखा है। लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल, महात्‍मा गांधी और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की दृष्टि का उल्‍लेख करते हुए श्री पाटील ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में माओवाद की समस्‍या से हम लड रहे हैं। इस पर कुछ हद तक काबू पाया है। परंतु इसे पूरी तरह समाप्‍त करने के लिए देश के युवाओं और नागरिकों को जागरूक होने की आवश्‍यकता है। हमें राजनीतिक या अन्‍य समस्‍याओं को संविधान के भीतर ही सुलझाना चाहिए। विकास में आने वाली बाधाएं दूर होंगी तब हम विकसित भारत का सपना साकार कर सकेंगे। लोगों की भागीदारी ही विकसित भारत का लक्ष्‍य साकार कर सकती है। उन्‍होंने कहा कि आज़ादी के समय महात्‍मा गांधी ने अहिंसा और शांति से लडाई लडी थी, यह विश्‍व की क्रांति में एक बड़ा कदम था।लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के 150वें जयंती वर्ष के अवसर पर ग़ालिब सभागार में आयोजित विशिष्ट व्याख्यान की अध्‍यक्षता कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने की। उन्‍होंने कहा कि विकास के पथ पर भारत देश ने हमेशा साहस और दृढ़ता का परिचय दिया है, जिसमें लौहपुरुष सरदार पटेल ने एक महत्‍वपूर्ण स्‍तंभ के रूप में काम किया है। हमें देश की एकता को बनाए रखने के लिए अतिरिक्‍त सजकता, सतर्कता व सावधानी बरतनी की जरूरत है। देश के जिम्‍मेदार नागरिक के नाते यह हमारा कर्तव्‍य है। अखंड भारत के लिए हमारी भाषा, साहित्‍य, कला व धर्म ऐसे मंत्र है जो हमें एकता की माला में पिरोए रखते हैं। हम उदारता, सर्वग्राहिता और परस्‍परपूरकता की संस्‍कृति से जोड़ने की बात करते हैं और तोड़ने वालों को चुनौती भी देते हैं। उन्‍होंने कहा कि आज़ादी के समय गांधीजी के पास कोई शस्‍त्र नहीं था। जनता का विश्‍वास, आस्‍था व संबल ही उनके साथ था। हमारे ऋृषि और ग्रंथ ही हमारी सम्‍पदा है। हमें विकसित भारत के स्‍वप्‍न को पूरा करने का संकल्‍प लेना चाहिए।इस अवसर पर वर्धा जिला पुलिस अधीक्षक अनुराग जैन और कुलसचिव क़ादर नवाज़ ख़ान भी मंचासीन थे। संदीप पाटील का स्‍वागत कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा द्वारा चरखा, शॉल, विश्‍वविद्यालय का प्रतीक चिन्‍ह तथा सूतमाला से किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्‍ज्‍वलन, सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्‍प अर्पण एवं कुलगीत से तथा समापन राष्‍ट्रगान से किया गया। कार्यक्रम का स्‍वागत भाषण प्रदर्शनकारी कला विभाग के अध्‍यक्ष डॉ. ओमप्रकाश भारती ने दिया। संचालन दर्शन एवं संस्‍कृति विभाग के एसोशिएट प्रोफेसर डॉ. जयंत उपाध्‍याय ने किया। गांधी एवं शांति अध्‍ययन विभाग के अध्‍यक्ष डॉ. राकेश मिश्र ने आभार ज्ञापित किया।इस अवसर पर अध्‍यापक, कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्‍या में उपस्थित थे।


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