तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सेजेएस सरायपाली से जुड़ा मामला अब तूल पकड़ चुका है। इस पूरे प्रकरण में कलेक्टर विनय लहंगे राजनीतिक साजिश के शिकार होते दिख रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) लगातार कलेक्टर को गलत जानकारी देकर गुमराह कर रहा है, जिसके चलते कलेक्टर की प्रशासनिक साख पर सवाल उठने लगे हैं।जानकारी के अनुसार, संभाग आयुक्त महादेव कावरे द्वारा दिए गए स्पष्ट आदेशों को डीईओ ने दरकिनार कर रखा है। बावजूद इसके कलेक्टर कार्यालय को भ्रामक रिपोर्ट भेजी जा रही है, जिससे न केवल जिला प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि शासन के मंशा पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।स्थानीय सूत्रों का कहना है कि शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारी राजनीतिक दबाव में कार्य कर रहे हैं और कलेक्टर विनय लहंगे की निष्ठा और कार्यशैली को निशाना बनाया जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम में प्रशासनिक तंत्र की साख दांव पर है।लोगों का कहना है कि यदि इस पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो मामला शासन स्तर तक पहुंचेगा। सवाल यह भी है कि जब संभाग आयुक्त के आदेश लागू नहीं हो रहे हैं, तो जवाबदेही किसकी तय होगी — डीईओ की, या फिर उस साजिश की जो कलेक्टर को कटघरे में खड़ा करने के लिए रची जा रही है?


