विकास नंद /सर्वव्यापी/
नगर पालिका प्रशासन की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नगर पालिका कार्यालय के बाजू में नागरिकों के मनोरंजन और स्वास्थ्य लाभ को ध्यान में रखते हुए लाखों रुपए की लागत से ओपन जिम और पार्क का निर्माण कराया गया था। यह स्थल स्थानीय लोगों के लिए एक पसंदीदा जगह बन चुका था, जहाँ बच्चे, युवा और बुज़ुर्ग सभी सुबह-शाम व्यायाम और सैर के लिए आते थे।लेकिन वर्तमान में अचानक इस ओपन जिम और पार्क को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यहाँ अब चौपाटी के निर्माण का कार्य किया जा रहा है।
इसी बदलाव ने नगरवासियों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पहले से ही चौपाटी बनाने की योजना थी, तो ओपन जिम और पार्क पर लाखों रुपए खर्च करने की आवश्यकता क्यों पड़ी? जनता का आरोप है कि इस तरह की बिना योजना वाली कार्यशैली से शासन के धन की बर्बादी हो रही है, जिसका उचित जवाब किसी के पास नहीं है।
औनगरवासियों का यह भी कहना है कि एक तरफ सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं और फिटनेस को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर वर्षों बाद बनी एक उपयोगी सुविधा को हटाकर दूसरी संरचना खड़ी करने का निर्णय समझ से परे है। लोग इस बात की मांग कर रहे हैं कि नगर पालिका प्रशासन इस निर्णय का स्पष्ट कारण बताए और यह भी बताए कि भविष्य में ऐसी स्थितियों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल, नगरवासियों में असंतोष का माहौल है और हर किसी के मन में यही प्रश्न गूंज रहा है — क्या सार्वजनिक धन से बनी सुविधाओं का ऐसे ही उपयोग और फिर नष्ट कर दिया जाना उचित है?


