महासमुंद में दुग्ध क्रांति की तैयारी: कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने दिए वैज्ञानिक पशुपालन और नस्ल सुधार के निर्देश। - Sarvavyapi महासमुंद में दुग्ध क्रांति की तैयारी: कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने दिए वैज्ञानिक पशुपालन और नस्ल सुधार के निर्देश। - Sarvavyapi

महासमुंद में दुग्ध क्रांति की तैयारी: कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने दिए वैज्ञानिक पशुपालन और नस्ल सुधार के निर्देश।

Share Now

विकास नंद/ सर्वव्यापी

जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर पशुपालकों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में पशुधन विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत नंदनवार, उप संचालक पशुधन विकास विभाग, जिले के सभी पशु चिकित्सक, मैदानी अमला, दुग्ध महासंघ के सुपरवाइजर तथा पशु सखियां उपस्थित रहीं।बैठक में कलेक्टर ने कहा कि महासमुंद जिले में दुग्ध उत्पादन के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने पशु चिकित्सकों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से गांवों में पहुंचकर पशुपालकों को वैज्ञानिक पशुपालन, पशु स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित पोषण, नस्ल सुधार तथा आधुनिक तकनीकों की जानकारी दें, ताकि पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।कलेक्टर ने देशी गायों में सेक्स सॉर्टेड सीमेन के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे अधिक संख्या में उन्नत नस्ल की बछियों का जन्म होगा, जो भविष्य में बेहतर दुग्ध उत्पादन देने वाली गायों के रूप में तैयार होंगी।बैठक में पशु सखियों को राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों से लगे गांवों में जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। उनसे कहा गया कि वे पशुपालकों को अपने मवेशियों को खुला छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर बांधकर रखने के लिए प्रेरित करें। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सड़क पर छोड़े गए पशुओं से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है और ऐसे मामलों में पशु पकड़े जाने पर संबंधित पशुपालकों से नियमानुसार दंडात्मक राशि वसूल की जाएगी।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत नंदनवार ने कहा कि जिले में दुग्ध उत्पादन दोगुना करने के लिए सुनियोजित कार्ययोजना और सभी विभागों के समन्वित प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने पशुधन विकास विभाग के मैदानी अमले, दुग्ध महासंघ के सुपरवाइजर, मार्ग पर्यवेक्षकों और पशु सखियों को आपसी समन्वय के साथ अधिकाधिक पशुपालकों को दुग्ध उत्पादन से जोड़ने तथा वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।बैठक में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, पशुधन की उत्पादकता में सुधार और पशुपालकों की आय सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!