सर्वव्यापी ब्यूरो

मुंगेली जिले के एक शासकीय आयोजन के आमंत्रण पत्र को लेकर नए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। आमंत्रण पत्र में नामों का क्रम तो शासन द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप दर्ज किया गया है, परंतु फोटो के क्रम में प्रोटोकॉल का स्पष्ट रूप से पालन नहीं किया गया है।मिली जानकारी के अनुसार, शासकीय कार्यक्रमों में छपने वाले आमंत्रण पत्रों में सबसे पहले मुख्यमंत्री का फोटो, उसके बाद केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू का, फिर उप मुख्यमंत्री अरुण साव का और सबसे अंत में स्थानीय विधायक पुन्नूलाल मोहले का फोटो होना चाहिए। यही क्रम वरिष्ठता और प्रोटोकॉल के मूल सिद्धांतों के हिसाब से अनिवार्य माना जाता है।लेकिन इस आमंत्रण पत्र में फोटो की प्लेसमेंट प्रोटोकॉल के विपरीत देखी गई है, जिससे प्रशासनिक गलियारों से लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों तक चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि सरकारी दस्तावेज़ों और निमंत्रण पत्रों में प्रोटोकॉल का पालन सर्वोपरि होता है, क्योंकि यह न केवल पद की गरिमा का प्रतीक है, बल्कि प्रशासनिक अनुशासन का भी हिस्सा है।प्रोटोकॉल अधिकारियों के अनुसार, नामों का क्रम तो बिल्कुल सही रखा गया है, लेकिन फोटो के गलत क्रम ने संदेह पैदा कर दिया है कि यह त्रुटि अनजाने में हुई या फिर लापरवाही का परिणाम है।स्थानीय जानकारों का यह भी कहना है कि ऐसी गलतियों से अनावश्यक विवाद खड़े होते हैं और भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसके लिए संबंधित विभाग को सतर्क रहने की आवश्यकता है।फिलहाल मामला चर्चा में है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि विभाग इस त्रुटि को लेकर क्या सुधारात्मक कदम उठाता है।


