तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के सर्वज्ञ चक्रधर स्वामी मराठी भाषा तथा तत्वज्ञान अध्ययन केंद्र, रिद्धपुर द्वारा 20 व 21 नवंबर को महानुभावीय सांकेतिक ‘सकल लिपि’ अध्ययन विषय पर अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला उद्घाटन व अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा करेंगी। उद्घाटन समारोह में मराठी भाषा विश्वविद्यालय, रिद्धपुर के कुलपति प्रो. अविनाश आवलगावकर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। अखिल भारतीय महानुभाव परिषद के अध्यक्ष कविश्वर कुलाचार्य प.पू.प.म. कारंजेकर बाबा की समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थिती रहेगी। विश्वविद्यालय के आवासीय लेखक डॉ. भूषण भावे विशेष अतिथि के रूप एवं कार्यकारी कुलसचिव क़ादर नवाज़ ख़ान तथा दर्शन एवं संस्कृति विभाग के एसोशिएट प्रोफेसर डॉ. जयंत उपाध्याय की इस अवसर पर विशेष उपस्थिती रहेंगी । उद्घाटन सत्र का संचालन अनुवादक डॉ. स्वप्निल मून तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नितिन रामटेके द्वारा किया जाएगा।
कार्यशाला में देश-विदेश के सौ से अधिक प्रतिभागी सहभागिता करेंगे। 20 नवंबर 2025 को प्रथम सत्र सकल लिपि की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर होगा। सत्र के विशेष विशेषज्ञ के रूप में चक्रधर कोठी उपस्थित रहेंगे। द्वितीय सत्र महानुभावीय सकल लिपि की वर्णमाला का अध्ययन पर होगा। इस सत्र के विशेष विशेषज्ञ विशाल हिवरखेड़कर होंगे। 21 नवंबर को तृतीय सत्र सकल लिपि में शब्दों में लेखन व पठन पर होगा। इस सत्र के विशेष विशेषज्ञ के रूप में चक्रधर कोठी उपस्थित रहेंगे। चतुर्थ सत्र सकल लिपि के सांकेतिक चिन्हों का अध्ययन व पठन पर होगा । इस सत्र में विशेष विशेषज्ञ श्री विशाल हिवरखेड़कर संबोधित करेंगे। कार्यशाला का समापन सत्र 21 नवंबर को दोपहर 04 बजे होगा। सत्र की अध्यक्षता अखिल भारतीय महानुभाव परिषद के पूर्व अध्यक्ष आचार्य प्रवर महंत नागराज बाबा उपाख्य महंत गोपिराज बाबा करेंगे। प्रमुख अतिथि के रूप में रिद्धपुर केंद्र की प्रभारी डॉ. नीता मेश्राम होंगी। शोध अनुषंगी श्री चक्रधर कोठी व श्री विशाल हिवरखेडकर की विशेष उपस्थिति होंगी। कार्यशाला में सहभागिता करने का आह्वान रिद्धपुर केंद्र की प्रभारी तथा कार्यशाला की संयोजक डॉ. नीता मेश्राम ने किया है।


