विकास नंद/सर्वव्यापी/
रायपुर संभागायुक्त महादेव कांवरे ने आज महासमुंद जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न केंद्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को शामिल करना और अपात्र मतदाताओं को सूची से हटाना है। सभी बूथ लेवल ऑफिसर सत्यापन कार्य को गंभीरता और निर्देशानुसार पूर्ण करें। किसी भी स्थिति में गलत प्रविष्टि स्वीकार्य नहीं होगी। किसी बिंदु पर संदेह होने पर वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लेने की बात भी उन्होंने कही।संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि 4 दिसंबर तक सत्यापन और डिजिटाइजेशन का कार्य हर हाल में पूर्ण किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में कोटवारों के माध्यम से सुबह-शाम मुनादी करने के भी निर्देश दिए गए ताकि शत-प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन समय पर पूरा हो सके। उन्होंने बीएलओ को पात्र मतदाताओं का गणना पत्रक सावधानी से भरकर संग्रहित करने तथा फॉर्मों के डिजिटलीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी सचिन भूतड़ा, अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू और तहसीलदार जुगल किशोर पटेल मौजूद रहे। संभागायुक्त ने झालखम्हरिया, सम्हर एवं पिथौरा के मतदान केंद्रों में बीएलओ से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने घर-घर सत्यापन के दौरान संकलित फॉर्म को शीघ्र डिजिटाइज करने के निर्देश भी दिए।उन्होंने जिले के मतदाताओं से अपील की है कि चार दिसंबर की अंतिम तिथि से पहले अपना गणना प्रपत्र ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से भरकर बीएलओ को जमा कर दें।उल्लेखनीय है कि महासमुंद जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया 4 नवंबर से प्रारंभ हुई है। जिले की चारों विधानसभा—महासमुंद, खल्लारी, बसना और सरायपाली—मिलाकर कुल 8,86,422 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें से लगभग 99 प्रतिशत लोगों को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, जबकि करीब 27 प्रतिशत प्रपत्रों का डिजिटलीकरण हो चुका है। जिले में तैनात 1083 बीएलओ घर-घर जाकर जानकारी एकत्र कर रहे हैं। जिला तथा तहसील स्तर पर बनाए गए हेल्प डेस्क भी लोगों को फॉर्म भरने में सहायता प्रदान कर रहे हैं।


