तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की जिम्मेदारी जब से मंत्री राजेश अग्रवाल के हाथों में आई है, तब से पूरा प्रदेश एक नए बदलाव का साक्षी बन रहा है। अग्रवाल न केवल राजधानी और प्रमुख शहरों तक सीमित रहकर काम कर रहे हैं, बल्कि प्रदेश के दूरस्थ ग्रामों, पहाड़ी इलाकों, आदिवासी अंचलों और ग्रामीण धार्मिक स्थलों तक पहुँचकर उन धरोहरों को राष्ट्रीय मंच दिलाने के मिशन में जुटे हुए हैं।राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों, प्राकृतिक स्थलों, जलप्रपातों, पहाड़ी पर्यटन बिंदुओं से लेकर ग्राम्य धार्मिक स्थलों तक हर स्थान को पर्यटन मानचित्र पर मजबूत जगह दिलाने के लिए मंत्री राजेश अग्रवाल ने रणनीतिक योजना तैयार की है। उनका लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ सिर्फ राज्य स्तर पर ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों के लिए भी नई पसंद बने।वहीं विभागीय मंत्री होने के नाते वे छत्तीसगढ़ी भाषा को भी संजीवनी देने की दिशा में उल्लेखनीय पहल कर रहे हैं। सरकारी कार्यक्रमों, आयोजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में छत्तीसगढ़ी भाषा को बढ़ावा देने के साथ ही वे नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषा से जोड़ने पर पूरा जोर दे रहे हैं।संस्कृति,पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल की अगुवाई में छत्तीसगढ़ आज ‘संस्कृति और पर्यटन का उभरता हुआ केंद्र’ बनता दिखाई दे रहा है। लोगों का मानना है कि उनकी कार्यशैली और जमीनी दौरे आने वाले समय में प्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएंगे।


