पद ऊँचा पर स्वभाव उतना ही सरल—मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह बने जनता से सीधे जुड़ने वाले सबसे भरोसेमंद अफसर। - Sarvavyapi पद ऊँचा पर स्वभाव उतना ही सरल—मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह बने जनता से सीधे जुड़ने वाले सबसे भरोसेमंद अफसर। - Sarvavyapi

पद ऊँचा पर स्वभाव उतना ही सरल—मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह बने जनता से सीधे जुड़ने वाले सबसे भरोसेमंद अफसर।

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तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ शासन में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह इन दिनों अपनी सादगी, सहज कार्यशैली और जनता से सीधे जुड़ने की क्षमता के कारण चर्चा में हैं। 1997 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सिंह को दिसंबर 2024 में मुख्यमंत्री सचिवालय का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया, और जिम्मेदारी मिलते ही उन्होंने यह साबित कर दिया कि प्रशासनिक पद चाहे कितना भी बड़ा हो, जनता के लिए उपलब्ध रहना ही एक अधिकारी की सबसे बड़ी पहचान है।केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद भी उनका जमीन से जुड़ा व्यवहार बिल्कुल नहीं बदला। दिल्ली में इस्पात मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव व वित्तीय सलाहकार और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के महानिदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करने के बाद भी सुबोध कुमार सिंह ने वही सरलता, विनम्रता और तुरंत समाधान देने वाली शैली कायम रखी, जिसके लिए वे छत्तीसगढ़ में पहचाने जाते हैं। रायपुर सहित कई जिलों में कलेक्टर रहते हुए उनका जनता से सीधा संवाद आज भी लोगों की यादों में है और वे लौटकर फिर उसी शैली में जनता की समस्याओं से रूबरू हो रहे हैं।मुख्यमंत्री सचिवालय में उनकी कार्यशैली बेहद स्पष्ट, सटीक और समयबद्ध मानी जाती है। वे समस्याओं को सुनकर तुरंत एक्शन लेने में विश्वास रखते हैं और हर निर्णय में “परिणाम जमीन पर दिखना चाहिए” की सोच को प्राथमिकता देते हैं। उनका व्यवहार इतना सहज है कि उनसे मिलने वाले नागरिक, जनप्रतिनिधि और अधिकारी बताते हैं कि सुबोध कुमार सिंह से बातचीत करते समय न प्रोटोकॉल का दबाव महसूस होता है और न ही किसी तरह की दूरी। वे हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक सुनते हैं और सरल भाषा में समाधान प्रस्तुत करते हैं।पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के समय में भी वे मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। तब भी उनकी पहचान जनता-केंद्रित, संवेदनशील और परिणाम देने वाले अधिकारी की थी और आज भी वही छाप उनके कार्य में साफ दिखाई देती है। गुस्सा, अहंकार या दिखावे से दूर उनका शांत स्वभाव और हर स्थिति को धैर्य से संभालने की क्षमता उन्हें प्रशासनिक तंत्र में अलग पहचान देती है।युवा अफसरों और प्रशासनिक सेवा में आने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए सुबोध कुमार सिंह एक जीवंत प्रेरणा बन चुके हैं। उनकी यात्रा यह साबित करती है कि बड़े पदों पर बैठकर भी विनम्रता, सरलता और जनता से हर पल जुड़े रहने की आदत ही एक अधिकारी को महान बनाती है। उनकी कार्यशैली यह संदेश देती है कि जनता से दूरी नहीं—बल्कि संवाद ही प्रशासन को मजबूत बनाता है।सुबोध कुमार सिंह आज सिर्फ मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ प्रशासन के लिए एक भरोसेमंद, जमीन से जुड़े और जनसेवा के प्रति पूरी तरह समर्पित अधिकारी का पहचान बन गए हैं। उनकी सरलता और संवेदनशीलता ही वह गुण हैं जो उन्हें जनता के सबसे करीब और युवा अफसरों के लिए सबसे प्रेरणादायक चेहरा बनाते हैं।


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