विकास नंद/ सर्वव्यापी/
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने महासमुंद जिले में नई मिसाल कायम की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा और कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की सतत मॉनिटरिंग के चलते जिले ने राज्य में पहला स्थान प्राप्त करते हुए 1 लाख से अधिक पक्के आवासों का निर्माण पूरा किया है। वर्ष 2016 से 2024-25 की अवधि में जिले में कुल 1,00,136 आवासों के निर्माण का ऐतिहासिक लक्ष्य पूरा हुआ है, जो पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में किसी भी जिले की सर्वाधिक उपलब्धि है।लंबे समय तक कच्चे मकानों में गुज़ारा करने वाले एक लाख से अधिक गरीब परिवार आज अपने सुरक्षित, मजबूत और सम्मानजनक घरों में सुकून से रह रहे हैं। यह उपलब्धि ग्रामीण जीवन में स्थायी बदलाव और आवास संकट को दूर करने की दिशा में एक मील का पत्थर बनकर उभरी है।जिले की यह सफलता जिला प्रशासन के टीमवर्क, पारदर्शिता, फील्ड विज़िट, गुणवत्ता परीक्षण और तकनीकी मॉनिटरिंग के कारण संभव हो सकी।
कलेक्टर लंगेह के नेतृत्व एवं जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार के मार्गदर्शन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त मेहनत से आवास निर्माण कार्यों में तेज़ी आई। जिले को कुल 1 लाख 29 हजार आवासों का लक्ष्य मिला था, जिनमें से शेष आवासों का निर्माण भी तेज़ी से प्रगति पर है। प्रशासन ने आगामी महीनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा होने का भरोसा जताया है।
हितग्राहियों की बदली जिंदगी, चेहरे पर खुशियों की रौनकग्राम बरेकेल कला की हितग्राही अंगुरी बाई ने कहा कि उन्हें वर्षों बाद पक्का घर मिलने से जीवन में सुकून लौटा है। बारिश में पानी टपकने और गर्मी में धूल की समस्या से अब मुक्ति मिल गई है। वे भावुक होकर कहती हैं—“यह घर मेरे बुढ़ापे का सहारा बन गया है।”इसी तरह, हितग्राही श

शिवबती ध्रुव ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि शादी से लेकर 25 वर्षों तक वे कच्चे खपरैल घर में रहीं, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके और उनके पति के सपने पूरे कर दिए। वे कहती हैं—“बारिश हो या गर्मी, अब घर में सुकून है। मैं सरकार और जिला प्रशासन का दिल से धन्यवाद करती हूँ।”ऐसी ही हजारों खुशियों की कहानियाँ महासमुंद जिले में सुनाई दे रही हैं, जहां प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीब परिवारों के जीवन में स्थायी बदलाव लाकर उन्हें सम्मान और सुरक्षा का नया आश्रय दिया है।महासमुंद जिले की यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श मॉडल बनकर सामने आई है।


