दो वर्ष की सरकार: विष्णु देव साय के कार्यकाल का मूल्यांकन और जनता की नब्ज़। - Sarvavyapi दो वर्ष की सरकार: विष्णु देव साय के कार्यकाल का मूल्यांकन और जनता की नब्ज़। - Sarvavyapi

दो वर्ष की सरकार: विष्णु देव साय के कार्यकाल का मूल्यांकन और जनता की नब्ज़।

Share Now

तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/

13 दिसंबर 2023 को जब विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब छत्तीसगढ़ के राजनीतिक परिदृश्य में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई थी। आदिवासी अंचल से निकले इस शांत, संतुलित और जमीनी नेता के हाथों में सत्ता की बागडोर आना जनता के बीच एक नई उम्मीद के रूप में देखा गया था। आज, 13 दिसंबर 2025 को उनके कार्यकाल के दो वर्ष पूरे हो रहे हैं। यह अवसर सिर्फ उत्सव का नहीं, बल्कि समीक्षा और विश्लेषण का भी है—क्या सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतरी है? क्या बदलाव वादों के अनुरूप जमीन पर दिखाई देते हैं? और आगे की राह किस दिशा में जाती है?दोनो वर्षों में सरकार की कुछ प्रमुख उपलब्धियाँ सामने आती हैं। भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और प्रशासनिक कसावट की कोशिशें दिखाई दीं। ग्रामीण विकास, सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचे पर सरकार ने खास ध्यान दिया। आदिवासी क्षेत्रों में संवाद को प्राथमिकता देने की नीति ने कई लंबे समय से लंबित मुद्दों को आगे बढ़ाने का वातावरण तैयार किया। इन पहलों से सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की कि उसकी नीयत साफ है और दिशा विकास की ओर है।लेकिन उपलब्धियों के साथ चुनौतियाँ भी कम नहीं रहीं। बेरोज़गारी का मुद्दा अभी भी युवाओं के मन में असंतोष का कारण है। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति विशेषकर गाँवों में अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। कानून–व्यवस्था से जुड़ी घटनाएँ कई बार विपक्ष को सरकार पर निशाना साधने का मौका देती रही हैं। कुछ विभागों में अफ़सरशाही की लापरवाही और मुख्यमंत्री सचिवालय के पत्रों की अनदेखी जैसे मामले जनता और शासन के बीच दूरी बढ़ाने वाले कारक साबित हुए हैं।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कार्यशैली शांत और संतुलित कही जाती है, परंतु सरकार के भीतर कई बार यह भी महसूस किया गया कि निर्णायक और त्वरित निर्णयों की आवश्यकता होने पर गति और सख्ती उतनी नहीं दिखाई दी, जितनी अपेक्षित थी। राजनीतिक संतुलन साधने और सभी वर्गों को साथ रखने की कोशिश में कई महत्वपूर्ण सुधार धीरे चले। जनता की नज़र से देखें तो भरोसा आज भी बना हुआ है, लेकिन इसकी परीक्षा अब ज्यादा कठोर होगी। लोग नीयत से ज्यादा परिणाम को देखना चाहते हैं।दो वर्षों का अध्याय पूरा होने के साथ ही तीसरा वर्ष किसी भी सरकार के लिए “परफॉर्मेंस ईयर” होता है। विष्णु देव साय सरकार के सामने अब यह चुनौती है कि विकास की गति को तेज करे, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए, स्वास्थ्य–शिक्षा की स्थिति मजबूत करे, और प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करे। जनता का धैर्य असीम नहीं होता—वह साफ नीयत के साथ तेज़ और प्रभावी परिणाम भी चाहती है।अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार अपने तीसरे वर्ष को परिवर्तन, प्रतिबद्धता और निर्णायक कार्यों के रूप में दर्ज कर पाती है या नहीं। दो वर्ष की यात्रा ने दिशा दिखाई है—अब समय है रफ्तार दिखाने का।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!