तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
रायपुर जिले के जनपद पंचायत धरसीवां में 11 दिसंबर को मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में पदभार ग्रहण करते ही बी.आर. वर्मा ने सक्रियता और कार्यशैली का ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसने पूरे जनपद के प्रशासनिक ढांचे में नई ऊर्जा भर दी है। सूत्र बताते हैं कि 74 ग्राम पंचायतों वाले इस जनपद में सीईओ वर्मा ने अब तक करीब 90 प्रतिशत पंचायतों का व्यक्तिगत दौरा करते हुए न केवल जनहितकारी योजनाओं की स्थिति देखी, बल्कि ग्राम पंचायत स्तर पर बैठकर योजनाओं की प्रगति, पारदर्शिता और जमीनी समस्याओं की गहन समीक्षा भी की है।सीईओ वर्मा के ग्राम पंचायत भ्रमण का सबसे खास पहलू यह रहा कि उन्होंने हर पंचायत में आमजन, सरपंच, पंच, सचिव तथा स्थानीय हितग्राहियों से सीधे संवाद स्थापित कर सरकारी योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों की स्थिति को समझा। मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेयजल, स्वच्छता मिशन, राशन वितरण, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी मूलभूत योजनाओं पर वे खुद स्थल निरीक्षण करते रहे।स्थानीय लोगों का कहना है कि धरसीवां जनपद में इस तरह की तेज़, पारदर्शी और जमीनी निगरानी बहुत कम देखने को मिली है। प्रशासनिक हल्कों में चर्चा है कि बी.आर. वर्मा की यह कार्यशैली जल्द ही धरसीवां जनपद पंचायत को ‘आदर्श जनपद’ के रूप में पहचान दिला सकती है।सीईओ वर्मा का लक्ष्य स्पष्ट है —“योजना कागज़ पर नहीं, गांव की चौपाल और हर घर तक पहुंचे… यही धरसीवां मॉडल बनाना है।”जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में भी उनके काम की सराहना बढ़ रही है। आने वाले समय में धरसीवां जनपद पंचायत प्रशासनिक कार्यकुशलता, पारदर्शिता और जमीनी विकास का नया उदाहरण बन सकता है।


