विकास नंद/सर्वव्यापी/
जिले में जारी धान खरीदी व्यवस्था की हकीकत परखने कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज साल्हेभाठा धान उपार्जन केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने खरीदी प्रक्रिया, उपलब्ध सुविधाओं और पारदर्शिता से जुड़ी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।कलेक्टर ने केंद्र पर धान प्रबंधन, तौल प्रक्रिया, किसान टोकन प्रणाली तथा भुगतान व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा किसानों को समय पर न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि प्रशासन द्वारा धान खरीदी व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुविधाजनक बनी रहे।कलेक्टर ने केंद्र प्रभारी एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान की स्टैकिंग, वजन मापन और ऑनलाइन रिकॉर्डिंग सिस्टम को नियमित रूप से अपडेट किया जाए। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। साथ ही ड्यूटी में अनुपस्थित पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए।उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के निर्देशानुसार महासमुंद जिले में धान खरीदी का कार्य सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी ढंग से किया जा रहा है। 8 जनवरी की स्थिति में जिले के 182 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से अब तक लगभग 6 लाख 10 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है।अब तक मिलर्स द्वारा 1 लाख 54 हजार 816 मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है, जबकि 3 लाख 23 हजार 994 मीट्रिक टन धान का डीओ जारी किया गया