तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में लंबे समय से चली आ रही नियुक्ति प्रक्रिया का अंततः पटाक्षेप हो गया है। राज्य शासन ने सेवानिवृत्त मुख्य सचिव सुनील जैन को राज्य सूचना आयोग का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया है। वहीं, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी उमेश कुमार अग्रवाल एवं डॉ. गिरिश चंद्र मिश्रा को राज्य सूचना आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है।सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने वाली इस संवैधानिक संस्था में लंबे समय से रिक्त पदों को लेकर गंभीर सवाल उठते रहे हैं। आयोग में नियुक्तियों के अभाव में हजारों अपीलें और शिकायतें लंबित थीं, जिससे आम नागरिकों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा था।सेवानिवृत्त मुख्य सचिव सुनील जैन का प्रशासनिक अनुभव राज्य शासन के शीर्ष स्तर पर रहा है। ऐसे में उनसे यह अपेक्षा की जा रही है कि वे आयोग की कार्यप्रणाली को गति देंगे और लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण की दिशा में ठोस पहल करेंगे। वहीं, उमेश कुमार अग्रवाल एवं डॉ. गिरिश चंद्र मिश्रा की नियुक्ति से आयोग को प्रशासनिक एवं अकादमिक दोनों ही दृष्टि से मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।गौरतलब है कि सूचना आयोग में नियुक्तियों को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। सामाजिक संगठनों, आरटीआई कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों ने भी इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताया था। अब इन नियुक्तियों के बाद यह देखना अहम होगा कि क्या आयोग वास्तव में पारदर्शिता के अपने मूल उद्देश्य को प्रभावी ढंग से पूरा कर पाएगा या नहीं।नवनियुक्त पदाधिकारियों के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती आयोग में लंबित मामलों का बोझ कम करना और सूचना के अधिकार को आम नागरिकों के लिए सशक्त हथियार के रूप में स्थापित करना होगी।