विकास नंद/ सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ के वनमंडल महासमुंद एवं उड़ीसा के फारेस्ट डिवीज़न खरियार रोड के बीच आज एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें अंतर्राज्यीय सीमा क्षेत्रों में संचालित गैरकानूनी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के लिए ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ जैसी रणनीति अपनाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती वन क्षेत्रों में संरक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी व मजबूत बनाना रहा।बैठक में वनमंडलाधिकारी महासमुंद मयंक पांडेय, वनमंडलाधिकारी खरियार रोड (उड़ीसा) मो. अज़ीज़ ख़ान, संयुक्त वनमंडलाधिकारी डिम्पी बैस, उप वनमंडलाधिकारी गोविंद सिंह, उड़ीसा एसडीओ राजा खरियार बामस सलिया, रेंजर प्रबीन दास, रेंजर बागबहरा लोकनाथ ध्रुव, सालिकराम डडसेना सहित छत्तीसगढ़ एवं उड़ीसा के अन्य रेंजरगण उपस्थित रहे।संयुक्त बैठक में अवैध अतिक्रमण, वन्यप्राणियों की सुरक्षा, वनाग्नि की रोकथाम, अवैध परिवहन तथा अंतर्राज्यीय सीमा से लगे वन क्षेत्रों में संचालित गैरकानूनी गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सामने आ रही चुनौतियों को साझा करते हुए त्वरित और लक्षित कार्रवाई की रणनीति पर सहमति जताई।बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अंतर्राज्यीय सीमा से जुड़े वन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अवैध वन गतिविधियों को रोकने के लिए आपसी समन्वय, नियमित सूचना आदान-प्रदान एवं संयुक्त कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाएगी। दोनों राज्यों के वन विभाग एक-दूसरे को पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे, जिससे वन संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।